विश्व स्वास्थ्य संगठन(डब्ल्यूएचओ) के अध्ययन ने साबित कर दिया है कि मोतियाबिंद के बाद अनकरेक्टेड रिफ्रैक्टिव एरर (यूआरई) दूसरा सबसे बड़ा कारण है जो विकासशील देशों मेंअंधेपन का कारण है। यूआरई आंखों की बीमारी का सबसे प्रचलित रूप है। यह तब होता है जब आंखें किसी खास तस्वीर पर फोकस नहीं कर पाती हैं। यूआरई की वजह से दृष्टि धुंधली हो जाती है और कभी-कभार इतनी गंभीर हो जाती है कि बुरी तरह प्रभावित हो जाती है।
केयर इंडिया ने ‘यूएसएड’ के सहयोग से ‘आरंभिक भाषा एवं साक्षरता’ पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है। जिसका मकसद है कि बच्चों में कौशल विकास और भाषा के स्तर को कैसे मजबूत किया जाए।
समाज में हाशिए पर रहने महिलाओं और लड़कियों को भी सशक्त बनाया जा सकता है बशर्तें की खास रणनीति के तहत उन्हें प्रशिक्षित किया जाए। यह बात गैर सरकारी संस्था केयर इंडिया द्वारा कराए गए एक सर्वेक्षण में सामने आया है।