Advertisement

Search Result : "जलवायु परिवर्तन सम्मेलन"

डीडीसीए मामले में कीर्ति आजाद ने नहीं लिया जेटली का नाम

डीडीसीए मामले में कीर्ति आजाद ने नहीं लिया जेटली का नाम

डीडीसीए में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रहे भाजपा सांसद कीर्ति आजाद ने आज एक पत्रकार सम्मेलन को संबोधित किया, लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली का एक बार भी नाम नहीं लिया। हालांकि पहले उन्होंने दावा किया था कि जेटली के अध्यक्ष रहते ही इस क्रिकेट संस्था में वित्तीय गड़बडि़यां हुईं।
धरती बचाने की अधूरी इच्छा

धरती बचाने की अधूरी इच्छा

पेरिस समझौते में विकसित देशों के पक्ष में पलड़ा झुका हुआ है। जलवायु न्याय की बातें हैं, समता-समानता की चर्चा है लेकिन उसके लिए बाध्यकारी प्रावधान नहीं
नरम, गरम के पाटन से बचाइए पाकिस्तान नीति

नरम, गरम के पाटन से बचाइए पाकिस्तान नीति

पहले युद्ध और प्रेम में सबकुछ जायज ठहराया जाता था। अब आर्थिक-व्यापारिक हित शायद सबकुछ जायज कर देते हैं, यहां तक कि युद्ध और प्रेम को भी। बल्कि इनके बारे में यू-टर्न को भी। अच्छा हुआ कि अपने घरेलू जनाधारों में उबाल भरने के लिए दिखावे के जंगी स्वांग में भड़काऊ बयानबाजी के घोड़ों पर सवार भारत और पाकिस्तान की हुकूमतों ने अपनी भड़काऊ बयानबाजी के ऊंचे घोड़ों से उतरकर एक-दूसरे से पहले पेरिस में प्रधानमंत्री के स्तर पर, फिर क्रमश: बैंकॉक और इस्लामाबाद में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और विदेशी मंत्रियों के जरिये एक-दूसरे से बातचीत शुरू करने के लिए हाथ मिलाया।
ऐतिहासिक जलवायु समझौते को मंजूरी, जानिए इसकी खास बातें

ऐतिहासिक जलवायु समझौते को मंजूरी, जानिए इसकी खास बातें

दुनिया को जलवायु परिवर्तन के खतरे से बचाने के लिए विश्‍व के 196 देशों के बीच पेरिस में ऐतिहासिक हो गया है। लंबी खींचतान और विचार-विमर्श के बाद भारत, चीन, अमेरिका समेत छोटे-बड़े तमाम देश इस समझौते पर राजी हुए। इसमें धरती के तापमान में बढ़ोतरी को 2 डिग्री सेल्सियस से काफी नीचे रखने का लक्ष्‍य रखा गया है।
जलवायु समझौते का नया मसौदा जारी, लेकिन अहम मुद्दे अनसुलझे

जलवायु समझौते का नया मसौदा जारी, लेकिन अहम मुद्दे अनसुलझे

जलवायु परिवर्तन पर एेतिहासिक समझौते की समय सीमा से दो दिन पहले वार्ताकारों ने एक नया और छोटा मसौदा जारी किया है जिसमें सभी महत्वपूर्ण प्रगतियों और मतभेदों को शामिल किया गया है। हालांकि यह मसौदा भी जटिल मुद्दों पर मतभेदों को दूर करने में नाकाम रहा है।
ओबामा ने किया मोदी को फोन, जलवायु समझौते पर चर्चा

ओबामा ने किया मोदी को फोन, जलवायु समझौते पर चर्चा

व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर हुई बातचीत में इस सप्ताह जलवायु परिवर्तन पर एक मजबूत समझौता हासिल करने के लिए अपनी निजी प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
मुंबई हमले के 7 साल बाद भारत-पाक समग्र वार्ता को तैयार

मुंबई हमले के 7 साल बाद भारत-पाक समग्र वार्ता को तैयार

26/11 के मुंबई हमलों के सात साल बाद भारत और पाकिस्‍तान के बीच गतिरोध खत्‍म हुआ है और दोनों देश व्‍यवस्थित तरीके से बातचीत को तैयार हो गए हैं। हार्ट ऑफ एशिया' सम्मेलन के लिए पाकिस्‍तान गईं विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने बताया कि दोनों देशों ने समग्र वार्ता शुरू करने का फैसला ले लिया है। इस घटनाक्रम को सुषमा स्‍वराज की पाकिस्‍तान यात्रा की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। अगले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सार्क सम्‍मेलन में हिस्‍सा लेने पाकिस्‍तान जाएंगे।
पाकिस्तान में ‘हार्ट ऑफ एशिया’ सम्मेलन शुरू

पाकिस्तान में ‘हार्ट ऑफ एशिया’ सम्मेलन शुरू

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में मंगलवार को पांचवें ‘हार्ट ऑफ एशिया’ सम्मेलन की शुरूआत हुई। इस सम्मेलन में बुधवार को होने वाली मंत्री स्तरीय बैठक में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज शिरकत करेंगी। इस क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्देश्य सुरक्षा चुनौतियों में सहयोग बढ़ाना और क्षेत्र में संपर्क को बढ़ावा देना है।
क्या सौर ऊर्जा से हल हो पाएगा भारत का ऊर्जा संकट?

क्या सौर ऊर्जा से हल हो पाएगा भारत का ऊर्जा संकट?

पेरिस में आयोजित जलवायु सम्मेलन से इतर भारत ने एक बहुचर्चित ‘सौर गठबंधन' की घोषणा कर दी। ऊर्जा की जरुरतों को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा उप्लब्ध करवाने की दिशा में काम करने का यह बडा न्यौता उन 121 देशों के लिए है, जहां सूर्य का प्रकाश पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहता है। इस परियोजना में सरकार की योजना शुरुआती पूंजी के रुप में 400 करोड रुपए डालने की है।
तकनीक और फंड मिले तो कोयले पर निर्भरता कम करेगा भारत

तकनीक और फंड मिले तो कोयले पर निर्भरता कम करेगा भारत

कार्बन उत्सर्जन को धीरे-धीरे खत्म करके जलवायु परिवर्तन का दीर्घकालिक हल ढूंढने की कोशिशें तेज होने के बीच भारत के एक शीर्ष वार्ताकार ने कहा है कि यदि विकसित देश भारत को पर्याप्त तकनीक और वित्तीय मदद उपलब्ध करवाकर स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को अपनाने में इसकी मदद के लिए सहमत होते हैं तो भारत भविष्य में कोयले पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए तैयार है।
Advertisement
Advertisement
Advertisement