स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने होम लोन को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। एसबीआई ने 75 लाख रुपये के होम लोन पर ब्याज दर में 0.10 फीसदी की कटौती की है। ये छूट 15 जून के बाद से लागू हो जाएंगी।
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) जैसी लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में 0.1 फीसदी की कटौती की है। यह कटौती वित्त वर्ष 2017-18 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए की गई है। नई दरें एक अप्रैल से प्रभावी होंगी।
वित्त मंत्रालय ने आज कहा कि पिछली रात अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में की गई 0.25 प्रतिशत की वृद्धि के लिए भारतीय बाजार पहले से ही तैयार हैं।
रिजर्व बैंक ने मुद्रस्फीति का जोखिम बढ़ने का खतरा देखते हुए लगातार दूसरी बार द्वैमासिक समीक्षा में अपनी मुख्य नीतिगत ब्याज दर रेपो में कोई बदलाव नहीं किया और इसे 6.25 प्रतिशत पर यथावत रखा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैंकों से गरीबों तथा निम्न मध्यम वर्ग को ऋण में प्राथमिकता देने को कहा था। इसके बाद देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने रविवार को अपनी विभिन्न परिपक्वता अवधि की बेंचमार्क ऋण दरों में 0.9 प्रतिशत कटौती की घोषणा की। नई दरें तत्काल प्रभावी होंगी। अनुमान है कि अन्य बैंक भी ऐसा कदम उठा सकते हैं।
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आज कहा कि अगर देश को व्यापक आधार वाली अर्थव्यवस्था बनाना है तो दुनिया के दूसरे देशों के अनुरूप कर दरों का निम्न स्तर होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह विचार अब बीते दिनों की बात हो गयी है कि कर की ऊंची दरों से अधिक राजस्व मिलता है, 1991 से अर्थव्यवस्था का यह सिद्धांत बदल गया है।
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के परमाणु हथियारों के जखीरे को मजबूती और विस्तार देने से जुड़ा जो ट्वीट किया है, वह ओबामा प्रशासन के खिलाफ बड़े नीतिगत बदलाव का संकेत देता है। ओबामा प्रशासन परमाणु हथियारों में कमी लाने और अंतत: उसके उन्मूलन पर जोर देता रहा है।
बाजार की उम्मीदों के विपरीत भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को नीतिगत दरों में कोई कमी नहीं की और उन्हें जस का तस बनाए रखा। बाजार विश्लेषकों ने कहा था कि रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति अपनी दो दिन की बैठक में अपनी फौरी ब्याज दर रेपो में कम से कम 0.25 प्रतिशत की कमी कर सकती है ताकि आर्थिक वृद्धि को बढावा दिया जा सके।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल नोटबंदी की वजह से प्रभावित बैंकों को राहत के लिए बुधवार को मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में 0.25 प्रतिशत की और कटौती कर सकते हैं। ज्यादातर बैंकरों ने यह राय व्यक्त की है।