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Search Result : "बहुत ही खराब स्थिति"

यादों के आइने में अमृतलाल नागर

यादों के आइने में अमृतलाल नागर

पिछले दिनों प्रसिद्ध साहित्यकार और नाच्यो मैं बहुत गोपाल, सुहाग के नुपूर जैसी कालजयी कृतियां लिखने वाले अमृतलाल नागर की 99 वीं बरसी पर बालेंदु शेखर मंगल मूर्त्ति ने उनके साथ बिताए पलों को साझा किया।
अंडे की बजाय एक रोटी और दाल बहुत हैः मेनका गांधी

अंडे की बजाय एक रोटी और दाल बहुत हैः मेनका गांधी

कुपोषित बच्चों को आईसीडीएस योजना के तहत अंडा दिए जाने पर विवाद जारी है। मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान अंडा दिए जाने के विवाद से जुड़े सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि ‘अंडा दिए जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि हमें एक दिन में चार से छह फीसदी प्रोटीन चाहिए होता है जो कि एक रोटी और दाल से मिल जाता है। बशर्ते वह साफ-सुथरा हो। ’
ऐसे बहुत आगे नहीं जाएगी मोदी सरकार: चिदंबरम

ऐसे बहुत आगे नहीं जाएगी मोदी सरकार: चिदंबरम

संप्रग सरकार के दौरान सोनिया गांधी के संविधानेतर शक्ति होने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने भाजपा और उसके नेतृत्व वाली सरकार का संचालन आरएसएस और उनके घातक छिपे एजेंडे के अनुरूप होने का आरोप लगाया है।
जम्मू कश्मीर में सुरक्षा स्थिति का जायजा लेंगे पर्रिकर

जम्मू कश्मीर में सुरक्षा स्थिति का जायजा लेंगे पर्रिकर

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए कल राज्य के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे। उधमपुर के रक्षा प्रवक्ता कर्नल एस डी गोस्वामी ने बताया कि रक्षा मंत्री कल जम्मू कश्मीर की दो दिन की यात्रा पर आएंगे।
जम्मू कश्मीर में खराब मौसम ने ली 16 की जान

जम्मू कश्मीर में खराब मौसम ने ली 16 की जान

जम्मू के कुछ हिस्सों और घाटी के कई स्थानों में मूसलाधार वर्षा के कारण भूस्खलन से मारे गए छह अन्य लोगों के शव मंगलवार को बरामद किए गए और इसके साथ ही जम्मू कश्मीर में वर्षा और बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढकर 16 हो गई है।
विश्व कपः भारत की हालत खराब

विश्व कपः भारत की हालत खराब

विश्व कप क्रिकेट के दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया द्वारा खड़ी 329 रनों की विशाल चुनौती का पीछा कर रही भारतीय टीम की पारी लड़खड़ा गई है।
राहुल का प्रचार अभियान सबसे खराब: पुस्तक

राहुल का प्रचार अभियान सबसे खराब: पुस्तक

सांघवी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक रहस्य करार दिया है। लेखक ने लिखा है, वह बेहद निजी जीवन से निकलकर कांग्रेस को उबारने के लिए आई थीं और दो चुनावों, 2004 एवं 2009, में कांग्रेस की जीत की अगुवाई की। जब यह सब कुछ हो रहा था तो वह कहां थीं? उनका राजनीतिक सहज ज्ञान कहां था? क्या उन्हें यह नहीं दिख रहा था कि कांग्रेस विनाश की ओर बढ़ रही है ? लेखक कहते हैं, इन सवालों का जवाब वास्तव में कोई नहीं जानता है।