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Search Result : "बहुत ही खराब स्थिति"

हालात पर मंथन करेगी कांग्रेस, हो सकता है चिंतन शिविर आयोजित

हालात पर मंथन करेगी कांग्रेस, हो सकता है चिंतन शिविर आयोजित

चार राज्यों में चुनावी हार का सामना करने वाली कांग्रेस अगले महीने चिंतन शिविर का आयोजन कर सकती है। शिविर का आयोजन या तो पार्टी के शासन वाले हिमाचल प्रदेश या फिर उत्तराखंड में होगा।
काल ड्राप का पंगा, कंपनियों ने लिया नई तकनीक का सहारा

काल ड्राप का पंगा, कंपनियों ने लिया नई तकनीक का सहारा

सेवाओं की खराब गुणवत्ता की शिकायतों से बचने के लिए दूरसंचार कंपनियों ने अब एक नई तकनीक का सहारा लिया है। इसके तहत किसी कॉल के दौरान कनेक्शन टूटने या दूसरी तरफ से आवाज सुनाई नहीं देने की स्थिति में भी कॉल कनेक्टेड दिखती है।
मोदी को एसोचैम के 7 नंबर, कहा टैक्स विवाद, बैंकिंग प्रणाली पर बहुत काम बाकी

मोदी को एसोचैम के 7 नंबर, कहा टैक्स विवाद, बैंकिंग प्रणाली पर बहुत काम बाकी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर उद्योग मंडल एसोचैम ने कहा कि इस सरकार को टैक्स विवादों और बैंकिंग प्रणाली में फंसे हुए कर्ज पर ‘अभी बहुत कुछ करने की जरूरत’ है।
जल्दी खराब हो जाने वाली कृषि उत्पादों के भंडारण पर सरकार का जोर

जल्दी खराब हो जाने वाली कृषि उत्पादों के भंडारण पर सरकार का जोर

सरकार जल्द खराब हो जाने वाले कृषि उत्पादों के भंडारण के लिए नए भंडारघरों का विस्तार की तैयारी में है। ताकि किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख सके।
रघुराम राजन की मंशा, दोबारा गवर्नर बनें और बहुत कुछ करें

रघुराम राजन की मंशा, दोबारा गवर्नर बनें और बहुत कुछ करें

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन इस पद पर अपना दूसरा कार्यकाल चाहते हैं। उन्‍होंने इस संबंध में अपनी रुचि का संकेत दिया है। राजन के अनुसार, उन्होंने अपने इस काम में हर पल का आनंद लिया है लेकिन ‘अभी भी बहुत कुछ करने की जरुरत है'।
देश के 13 राज्यों में सूखे की स्थिति, कृषि योग्य भूमि में लगातार कमी

देश के 13 राज्यों में सूखे की स्थिति, कृषि योग्य भूमि में लगातार कमी

देश के 13 राज्य गंभीर सूखे के संकट से जूझ रहे हैं। देश में औसतन हर साल 30 हजार हेक्टेयर खेती योग्य भूमि कम हो रही है। पर्यावरणविदों ने सरकार से मांग की है कि सूखे की समस्या के निपटारे के लिए दीर्घाकालीन पहल करने की जरूरत है।
दलालों की घुसपैठ बहुत भीतर तक-- वी.के सिंह

दलालों की घुसपैठ बहुत भीतर तक-- वी.के सिंह

केंद्रीय मंत्री और पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल वी.के सिंह लंबे समय से हथियारों में दलाली के खिलाफ बोलते रहे हैं। उन्होंने अपनी किताब करैज एंड कनविक्शन में भी सेना, रक्षा मंत्रालय में गड़बड़ियों की ओर इशारा किया है। जब वह थल सेना अध्यक्ष थे, तब उन्होंने यह खुलासा करके सनसनी मचा दी थी कि सेना के लिए बहुचर्चित टैटरा ट्रकों की खरीद में उन्हें भी रिश्वत की पेशकश की गई थी। उनका मानना है कि जब भी इस तरह के रक्षा सौदों में दलाली का मामला सामने आता है तो उसकी जिस तरह से गहन जांच-पड़ताल होनी चाहिए वह नहीं होती, और दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती। इसकी वजह से यह सिलसिला जारी रहता है। अगुस्ता दलाली के मुद्दे पर आउटलुक की ब्यूरो प्रमुख भाषा सिंह ने वीके. सिंह से बातचीत की, पेश हैं अंश-