वर्ष 2014 में लंदन में ललित मोदी से मुलाकात को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया से स्पष्टीकरण मांगा है।
शुक्रवार को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की सारी गतिविधियां अचानक से रुक गईं। लगातार 24 घंटे की भारी बारिश और समुद्र में उठे ज्वार ने मुंबई की सड़कों और लोकल ट्रेन की पटरियों में इतना पानी भर दिया कि पूरे शहर में बाढ़ के हालात बन गए। लोकल के पहिये तो तत्काल थम ही गए, सड़कों पर भी गाड़ियां जहां-तहां खड़ी हो गईं। इसके साथ ही यह सवाल एक बार फिर से पूछा जाने लगा कि अगर शहर मानसून की पहली बारिश भी नहीं झेल पाया तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
मुंबई और इसके उपनगरों में मूसलाधार बारिश से आज जनजीवन ठप हो गया। भारी बारिश के कारण लोकल ट्रेनों की सेवाएं रद्द हो गईं जिससे हजारों मुसाफिर फंस गए। हालात में फिलहाल सुधार होने के कोई आसार नहीं हैं क्योंकि मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी मानसूनी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
मराठी मानुष की राजनीति करने वाली शिवसेना कल अपनी 50वीं वर्षगांठ मनाने जा रही है। वर्ष 1966 में बाल ठाकरे की सोच और बुलंद इरादों के साथ अस्तित्व में आई शिवसेना आज महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ी ताकत है।
यूपी में एक और पत्रकार पर जनलेवा हमले का मामला सामने आया है। पीलीभीत के एक पत्रकार ने आरोप लगाया है कि उसे कुछ लोगों ने रिवाल्वर की बट से पीटा और बाइक से बांधकर घसीटते रहे।
अगले साल भारत में होने वाले विश्व ट्वेंटी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) और भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) के बीच मैचों के स्थानों की संख्या को लेकर मतभेद बना हुआ है।
कोई चिट्ठी कितनी महंगी बिक सकती है इसपर अलग-अलग लोगों की अलग-अलग राय होगी मगर चिट्ठी यदि दुनिया के चर्चित वैज्ञानिक अल्बर्ट आईन्स्टीन ने लिखी तो कुछ खास हो जाती है।
पिछले दिनों मणिपुर में भारतीय सेना के 18 जवानों को मौत के घाट उतारने वाले आतंकियों को भारतीय सेना ने म्यांमार की सीमा में घुसकर मार डाला। यह कार्रवाई म्यांमार की सेना के सहयोग से चलाई गई।
मीडिया में आई खबरों के अनुसार, गृह मंत्रालय भारतीय एनजीओ को मिलने वाले विदेशी अनुदान पर नियम-कायदों का शिकंजा कसने के लिए एक नया तंत्र विकसित करने जा रहा है, जिसकी घोषणा 15 जून तक हो सकती है। इस नई नियामक व्यवस्था में खुफिया ब्यूरो, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और गृह मंत्रालय की एफसीआरए विंग के बीच मजबूत तालमेल रहेगा। विदेशी अनुदान हासिल करने वाले सभी गैर-सरकारी संगठनों को एक वेबसाइट बनानी होगी और फंड हासिल करने के 48 घंटे के अंदर इसकी जानकारी सार्वजनिक कर अपनी गतिविधियों और सहयोगी संस्थाओं की पूरी जानकारी देनी पड़ेगी।