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जर्मन बेकरी धमाकाः हिमायत बेग का हाथ नहीं, पर उम्रकैद की सजा

जर्मन बेकरी धमाकाः हिमायत बेग का हाथ नहीं, पर उम्रकैद की सजा

बंबई उच्च न्यायालय ने गुरुवार को जर्मन बेकरी बम विस्फोट मामले में एकमात्र दोषी हिमायत बेग की फांसी की सजा को यह कहते हुए आजीवन कारावास में बदल दिया कि इस हमले में उसके हाथ होने के सबूत नहीं मिले है। पुणे की जर्मन बेकरी में सन 2010 में हुए बम विस्फोट में 17 लोग मारे गए थे।
शांति प्रयासः रूस ने सीरिया से सैन्य सामान हटाना शुरू किया

शांति प्रयासः रूस ने सीरिया से सैन्य सामान हटाना शुरू किया

रूस ने सीरिया से सैन्य उपकरण वापस बुलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में आज मास्को में बताया (मीमिम) वायुसेना स्टेशन पर तकनीशियनों ने रूसी संघ स्थित वायुसेना स्टेशनों तक आने के उद्देश्य से लंबी दूरी की उड़ानों के लिए विमानों को तैयार करना शुरू कर दिया है। बयान में कहा गया है कि विमानों में सैन्य उपकरणों को रखा जा रहा है। इससे पहले मास्को ने ऐलान किया था कि वह युद्ध प्रभावित देश से अपने बलों को वापस बुला लेगा।
एक्सक्लूसिव –अंबेडकर पर बड़ा दांव लगा दलितों को कांग्रेस हाथ में लेने को आतुर

एक्सक्लूसिव –अंबेडकर पर बड़ा दांव लगा दलितों को कांग्रेस हाथ में लेने को आतुर

देश भर मे दलित मुददों और दलित नेतृत्व कीशिनाखत करने को हो रह आयोजन, नागपुर में 9-10 अप्रैल को बड़ी सभा की तैयार
हाथ थामते ही मोदी पर भड़के महंत

हाथ थामते ही मोदी पर भड़के महंत

असम विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के साथ गठजोड़ करने वाली असम गण परिषद (अगप) के प्रमुख प्रफुल्ल कुमार महंत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर असम के हितों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। गठबंधन में भाजपा द्वारा अगप के लिए कम सीटें छोड़े जाने से भी वे नाराज हैं। अंग्रेजी दैनिक `द इकोनॉमिक टाइम्स’ को दिए इंटरव्यू में महंत ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी अभी ततक असम के लिए कुछ भी नहीं कर पाए हैं। भारत-बांग्लादेश के बीच जमीन हस्तांतरण को लेकर असम में बेहद नाराजगी थी। फिर भी उन्होंने यह संधि की।
कैंसर एवं पारंपरिक औषधि शोध के लिए भारत-अमेरिका ने मिलाए हाथ

कैंसर एवं पारंपरिक औषधि शोध के लिए भारत-अमेरिका ने मिलाए हाथ

पारंपरिक औषधि से संबंधित पहली भारतीय-अमेरिकी कार्यशाला आज नई दिल्ली में आरंभ हुई। यह कार्यशाला कल चार मार्च तक चलेगी। इस कार्यशाला का आयोजन पिछले वर्ष भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच हुई उस बातचीत के आधार पर की जा रहा है जिसमें दोनों नेताओं ने पारंपरिक औषधि के क्षेत्र में मिलकर काम करने की प्रतिबद्ता जताई थी।
कपड़े उतारवाकर परीक्षा दिलवाना, अमानवीय है

कपड़े उतारवाकर परीक्षा दिलवाना, अमानवीय है

बिहार में जिस तरह से सैना में भर्ती के लिए आए लोगों को कपड़े उतार कर धूप में बैठाकर परीक्षा दिलवाई गई, वह बेहद अमानवीय है। ऐसा कतई नहीं होना चाहिए। यह मानवता और मूल्यों दोनों के खिलाफ है।