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Search Result : "राजीव बनर्जी"

शपथ ग्रहण के पहले ही राज्यपाल और विपक्ष के साथ टकराव के रास्ते पर ममता

शपथ ग्रहण के पहले ही राज्यपाल और विपक्ष के साथ टकराव के रास्ते पर ममता

जीत का जश्न अभी थमा भी नहीं कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा के मुद्दे पर विपक्ष ने सरगर्मी तेज कर दी है। इस मुद्दे पर विपक्ष के साथ ही राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी के साथ भी टकराव के रास्ते पर हैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राजनीतिक हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताई है और उन्हें कहा है कि पुलिस को संयत रहकर और निष्पक्ष होकर काम करने का निर्देश दें। उधर, विपक्षी कांग्रेस और वाममोर्चा गठबंधन ने ममता बनर्जी के शपथ ग्रहण समारोह का बॉयकॉट करने का ऐलान किया है। ममता बनर्जी 27 मई को राजभवन में शपथ लेंगी।
आरटीआई का उपयोग कर राजीव प्रताप रूडी ने हटवाया मेट्रो का कार्यालय

आरटीआई का उपयोग कर राजीव प्रताप रूडी ने हटवाया मेट्रो का कार्यालय

सूचना के अधिकार का उपयोग केवल पत्रकार ही नहीं करते बल्कि नेता, मंत्री और अधिकारी भी करते हैं। कई बार इसके दुरुपयोग को लेकर भी चर्चा होती है।
कांंग्रेस की हार और राजीव की याद, भावुक सोनिया ने बढ़ाया हौंसला

कांंग्रेस की हार और राजीव की याद, भावुक सोनिया ने बढ़ाया हौंसला

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 25 वीं पुण्‍यतिथि पर कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने एक बेहद भावुक भाषण दिया। लगातार पराजय का सामना रही देश की सबसे पुरानी पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए यह भाषण एक नया संबल हो सकता है। उन्‍हें नई ऊर्जा के साथ आत्‍मविश्‍वास से उठने के लिए और मजबूती दे सकता है।
मनमोहन सिंह के सलाहकार ने सोनिया मुक्त कांग्रेस की सलाह दी

मनमोहन सिंह के सलाहकार ने सोनिया मुक्त कांग्रेस की सलाह दी

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के प्रेस सलाहकार रह चुके सबसे नजदीकी संजय बारू ने सुझाव दिया कि है कि अगर कांग्रेस को मजबूत करना है तो पार्टी को सोनिया मुक्त करना होगा। साथ ही कभी पार्टी के साथ रहे ममता बनर्जी, शरद पवार, जीके वासन और जगन मोहन रेड्डी को साथ लेकर चलना होगा।
रुझान: दीदी-अम्मा की वापसी, असम में खिला कमल और केरल में लाल सलाम

रुझान: दीदी-अम्मा की वापसी, असम में खिला कमल और केरल में लाल सलाम

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मतगणना के प्रारंभिक रूझानों में ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस अपने प्रतिद्वंद्वी वाममोर्चा-कांग्रेस गठबंधन से काफी आगे चल रही है जबकि असम में भाजपा बढ़त बनाए हुए है। तमिलनाडु में जयललिता की अन्नाद्रमुक और केरल में वाममोर्चा गठबंधन एलडीएफ आगे चल रहा है।
बंगाल में ममता की आंधी, केरल ने वामो के घावों पर मरहम लगाया

बंगाल में ममता की आंधी, केरल ने वामो के घावों पर मरहम लगाया

ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस की आंधी में कांग्रेस और वाममोर्चा उखड़ गए हैं। भारतीय जनता पार्टी ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया है। तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस को मिले वोटों का प्रतिशत बढ़ा है। भारतीय जनता पार्टी ने वाममोर्चा के वोटों में सेंध लगाई है। कई इलाकों में भारतीय जनता पार्टी के वोट तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों के खाते में ट्रांसफर हुए हैं।
नीतिश का ममता, जया को तीसरे मोर्चे को समर्थन देने का आग्रह

नीतिश का ममता, जया को तीसरे मोर्चे को समर्थन देने का आग्रह

पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ने कांग्रेस मुक्त भारत के जवाब में फिर से संघ मुक्त भारत का नारा दिया है। नीतिश कुमार का कहना है कि जो लोग संघ की विचारधारा से सहमत नहीं हैं, उसका समर्थन नहीं करते हैं, उन्हें एक साथ आ जाना चाहिए। नीतिश ने चुनावी नतीजों के बाद ममता बनर्जी और जयललिता दोनों से बात की और तीसरे मोर्चे को समर्थन देने का आग्रह किया।
‘राजनीति में सोनिया नहीं मेनका की मदद चाहती थीं इंदिरा’

‘राजनीति में सोनिया नहीं मेनका की मदद चाहती थीं इंदिरा’

दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अपने पुत्र संजय गांधी के निधन के बाद चाहती थीं कि उनकी छोटी बहू राजनीति में उनकी मदद करे लेकिन मेनका ऐसे लोगों के साथ थीं जो राजीव के विरोधी थे। हालांकि दिवंगत प्रधानमंत्री का सोनिया के प्रति अनुराग अधिक था लेकिन संजय की मौत के बाद उनका झुकाव मेनका की ओर भी हो गया था।
शशांक मनोहर के बाद कौन बनेगा बीसीसीआई का बॉस

शशांक मनोहर के बाद कौन बनेगा बीसीसीआई का बॉस

बीसीसीआई के अध्यक्ष शशांक मनोहर ने मंगलवार को अचानक पद से इस्तीफा दे दिया। मनोहर ने आईसीसी के अध्‍यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए यह इस्‍तीफा दिया है। मनोहर वर्तमान में आईसीसी के मनोनीत अध्‍यक्ष हैं।
कूचबिहार के रिसोर्ट से अचानक क्यों निकल गईं ममता

कूचबिहार के रिसोर्ट से अचानक क्यों निकल गईं ममता

कूचबिहार के चालसा के जिस रिसोर्ट में रुककर मतदान के आखिरी चरण पर नजर रही थीं, वहां से अचानक वे निकल गईं। राजनीति में `अनप्रेडिक्टेबल’ कही जाने वाली ममता बनर्जी ने अपने स्वभाव के अनुसार यह कदम नहीं उठाया। बल्कि, वहां चुनाव पर्यवेक्षक के पहुंचने और कांग्रेस के नेताओं द्वारा उस रिसोर्ट के प्रबंधकों को बार-बार फोन किए जाने के चलते दीदी वहां से बगैर किसी को जानकारी दिए निकल गईं।
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