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गूगल इनपुट से लेकर मिश्री टपकाते गानों तक, ये हैं हिंदी के लिए उम्मीदों के दीए

गूगल इनपुट से लेकर मिश्री टपकाते गानों तक, ये हैं हिंदी के लिए उम्मीदों के दीए

पिछले कुछ सालों में गूगल इनपुट से लेकर मिस्री टपकाते गानों, कहानियों के जरिए हिंदी मुस्कुरा उठी है। आइए इन उम्मीदों के जगमग दीयों की ओर निहारें।
साहित्य से जुड़ेगी रेल, लेकिन हादसों पर कब कसेगी नकेल?

साहित्य से जुड़ेगी रेल, लेकिन हादसों पर कब कसेगी नकेल?

सुरेश प्रभु ने सुझाव दिया है कि कुछ ट्रेनों के नाम साहित्यकारों के नाम पर रखे जाएं। इसमें न सिर्फ लेखक को, बल्कि वह जिस इलाके का है उसे भी तरजीह दी जाएगी।
मधुकर मेहेंदले और अमृत सोमेश्वर को मिलेगा साहित्य अकादेमी का भाषा सम्मान

मधुकर मेहेंदले और अमृत सोमेश्वर को मिलेगा साहित्य अकादेमी का भाषा सम्मान

साहित्य अकादेमी, दिल्ली ने अपने महत्वपूर्ण ‘भाषा सम्मान’ के लिए वेद-वेदांगों, महाभारत आदि पुरा महाकाव्यों के विद्वान प्रो. मधुकर अनंत मेहेंदले और डॉ. अमृत सोमेश्वर का चयन किया है। वर्ष 1996 में शुरू हुआ यह सम्मान तीन दशक पूरा कर चुका है।
साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता सौवेंद्र शेखर की किताब पर झारखंड में प्रतिबंध

साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता सौवेंद्र शेखर की किताब पर झारखंड में प्रतिबंध

झारखंड सरकार ने शुक्रवार को साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता लेखक हंसदा सौवेंद्र शेखर की किताब 'द आदिवासी विल नॉट डांस' पर प्रतिबंध लगा दिया है।
वर्तमान स्वरूप में जीएसटी बिल मंजूर नहीं : कांग्रेस

वर्तमान स्वरूप में जीएसटी बिल मंजूर नहीं : कांग्रेस

कांग्रेस को जीएसटी विधेयक वर्तमान स्वरूप में स्वीकार्य नहीं है किंतु पार्टी इस मामले में सतर्कतापूर्ण ढंग से आगे बढ़ेगी ताकि उसे इस महत्वपूर्ण कर सुधार उपाय के विरोधी के रूप में नहीं देखा जाए। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक में तय किया गया कि जीएसटी विधेयकों के बारे में जनता की चिंताओं को उठाया जाए और आवश्यक संशोधन के लिए कहा जाए।
साहित्य अकादेमी की महत्तर सदस्यता का ‘नामवर’ होना

साहित्य अकादेमी की महत्तर सदस्यता का ‘नामवर’ होना

साहित्य अका‌देमी, नई दिल्ली के सभागार में कल की शाम तब एक यादगार शाम बन गई जब अकादेमी ने जीवित किंवदंती बने हिंदी के शीर्षस्‍थ आलोचक नामवर सिंह को महत्तर सदस्यता का अपना सर्वोच्च सम्मान अर्पित किया। अध्यक्ष और सचिव के संयुक्तरूप से शाल व ताम्र-पत्र आदि वयोवृद्ध आलोचनाविद् सिंह को सौंपते ही अनेक आंखों/चेहरों के खिलने के साथ हाल तालियों से गूंज उठा।
मैथिली भाषा का मूल ‘मुंडा’ भाषा में है- सीताकांत महापात्र

मैथिली भाषा का मूल ‘मुंडा’ भाषा में है- सीताकांत महापात्र

साहित्य अकादेमी स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में प्रस्तुत ‘प्राचीन भारतीय साहित्य में प्रेम और प्रार्थना’ विषयक व्याख्यान में कवि-भाषाविद् एवं अकादेमी के महत्तर सदस्य सीताकांत महापात्र ने पूर्वोत्तर भारत के छः आदिवासी भाषा समूह - संथाल, उराव, मुंडा, कोंड आदि के आधार पर कहा कि प्रतीकों से सजी सबसे बेहतर भाषा इनके गीतों में देखी जा सकती है। कहा कि भोजपुरी के बाद सबसे प्रचलित भाषा मैथिली का मूल मुंडा भाषा में निहित है।
साहित्य अकादमी में महिला दिवस

साहित्य अकादमी में महिला दिवस

साहित्य अकादमी, दिल्ली ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर संवाद और कवयित्री सम्मेलन आयोजित कर मनाया। इस मौके पर चर्चित लेखिका चित्रा मुद्गल ने कहा ने स्त्री लेखन और देह विमर्श के मौजूं सवालों को उठाया।
अनुवाद इतिहास को वर्तमान से जोड़ने का बड़ा प्रयास है-सीतांशु यशश्चंद्र

अनुवाद इतिहास को वर्तमान से जोड़ने का बड़ा प्रयास है-सीतांशु यशश्चंद्र

कल छह दिवसीय साहित्योत्सव के अंतिम दिन ‘अनुवाद पुनर्कथन के रूप में’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन वक्तव्य में प्रख्यात गुजराती लेखक सीतांशु यशश्चंद्र ने कहा कि कृष्ण कथा और राम कथा का हमारे देश में कई भाषाओं में अनूदित हो रोचक पुनर्कथन हुआ है, और यह आधुनिक भाषाओं में भी हो रहा है। यह इतिहास को वर्तमान से जोड़ने का बड़ा प्रयास है। उन्होंने अनुवाद प्रक्रिया में आने वाले बिखराव फैलाव और छाया अनुवाद की चर्चा करते हुए संस्कृत/प्राकृत/पालि/हिंदी/गुजराती आदि के अनुवादों से कई उदाहरण दिए।
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