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Search Result : "संघ प्रमुख"

कृपया मेरे बेटे को आतंकवादी नहीं कहिए: कन्हैया की मां

कृपया मेरे बेटे को आतंकवादी नहीं कहिए: कन्हैया की मां

जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की मां ने अपील करते हुए कहा, कृपया मेरे बेटे को आतंकवादी मत कहिए। कन्हैया की मां मीना देवी एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं और साढ़े तीन हजार रूपये प्रति माह कमाती हैं।
राजनाथ का दावा-जेएनयू प्रदर्शन को हाफिज सईद का समर्थन, विपक्ष ने मांगे सबूत

राजनाथ का दावा-जेएनयू प्रदर्शन को हाफिज सईद का समर्थन, विपक्ष ने मांगे सबूत

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज यह दावा कर राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया कि जेएनयू में पिछले दिनों संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू की फांसी के विरोध में हुए कार्यक्रम को आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद का समर्थन मिला था। राजनाथ के बयान के तुरंत बाद विपक्षी पार्टियों ने मांग की कि गृह मंत्री जेएनयू परिसर में हुए कार्यक्रम को लेकर किए गए अपने दावे को साबित करने के लिए सबूत दें।
प्रमुख सरकारी बैंकों को 12 हजार करोड़ का तिमाही घाटा

प्रमुख सरकारी बैंकों को 12 हजार करोड़ का तिमाही घाटा

फंसे कर्ज (एनपीए) से बुरी तरह प्रभावित बैंक आफ बड़ौदा, बैंक आफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक समेत सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंकों को अब तक का सबसे बड़ा 12,000 करोड़ रुपये का कुल तिमाही नुकसान हुआ जबकि एसबीआई, पीएनबी और केनरा के मुनाफे में भारी गिरावट दर्ज हुई।
जेएनयू विवाद: गृह मंत्री से मिले वाम नेता, बोले कन्हैया को रिहा करें

जेएनयू विवाद: गृह मंत्री से मिले वाम नेता, बोले कन्हैया को रिहा करें

जेएनयू में कथित देश विरोधी नारेबाजी का मामला गंभीर होता जा रहा है। जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी को लेकर वाम दलों के नेताओं ने शनिवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात में वाम नेताओं ने गृह मंत्री से कन्हैया कुमार की रिहाई के साथ ही मामले की गंभीरता से जांच की मांग की। मिली जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर बाद वाम नेताओं ने इस मामले पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी मुलाकात की है।
कन्हैया की गिरफ्तारी पर जेएनयू में एकत्र हुए वाम और कांग्रेस नेता

कन्हैया की गिरफ्तारी पर जेएनयू में एकत्र हुए वाम और कांग्रेस नेता

जेएनयू में राष्ट्रविरोधी नारेबाजी के आरोप में छात्र संघ अध्यक्ष को गिरफ्तार किए जाने के विरोध में आयोजित एक विरोध सभा में विभिन्न दलों के नेता शामिल हुए। सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी, भाकपा सचिव डी राजा के अलावा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए जेएनयू परिसर पहुंचे। विरोध में हिस्सा लेकर नेताओं ने छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की रिहाई की मांग की। इस बीच, सरकार ने जोर देकर कहा कि इस प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी को देशद्रोही गतिविधियों का अड्डा नहीं बनने दिया जा सकता।
फेसबुक इंडिया की प्रमुख के. रेड्डी ने पद छोड़ा

फेसबुक इंडिया की प्रमुख के. रेड्डी ने पद छोड़ा

अपने विवादास्पद फ्री बेसिक अभियान को बंद करने के एक दिन बाद फेसबुक इंडिया की प्रबंध निदेशक के. रेड्डी ने आज अपने मौजूदा प्रभार से इस्तीफा दे दिया। उन्हें अमेरिका में नियुक्त किया जाएगा।
सियाचिन में जीवित बचे जवान का जीवन के लिए संघर्ष जारी

सियाचिन में जीवित बचे जवान का जीवन के लिए संघर्ष जारी

सियाचिन ग्लेशियर में एक सप्ताह पहले बर्फ खिसकने से 30 फुट नीचे दबे रहने के बाद जीवित निकाले गए लांस नायक हनमंथप्पा कोप्पाड का दिल्ली के सैन्य अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष जारी है। अस्पताल के अनुसार कोप्पाड कोमा में हैं और उनकी हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। अगले 24 से 48 घंटे काफी कठिन रहने का अनुमान है।
पुलिस बर्बरता: जंग ने पुलिस को दिया जांच का आदेश

पुलिस बर्बरता: जंग ने पुलिस को दिया जांच का आदेश

आरएसएस मुख्यालय के बाहर छात्रों के एक समूह पर पुलिसिया बर्बरता को लेकर समाज के विभिन्न तबके के लोगों के बीच व्याप्त क्षोभ के बीच उपराज्यपाल नजीब जंग ने दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के तलब कर घटना की जांच तत्परता से करने का आदेश दिया। वहीं दिल्ली पुलिस प्रमुख बी एस बस्सी अपनी टीम का बचाते नजर आए।
क्या एससी-एसटी को सिविल सेवा परीक्षा में मिली छूट जारी रखनी चाहिए: पैनल

क्या एससी-एसटी को सिविल सेवा परीक्षा में मिली छूट जारी रखनी चाहिए: पैनल

सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए गठित एक विशेषज्ञ समिति ने लोगों से पूछा है कि क्या अनूसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के उम्मीदवारों को उम्र सीमा में मिली छूट और परीक्षा में बैठने के अधिक मौकौं को बरकरार रखा जाए?
गांधी: बस नाम ही बाकी है

गांधी: बस नाम ही बाकी है

राष्ट्रपिता के रूप में ख्याति पाने वाले शख्स के नाम पर पूरे भारत में ढेरों संस्थाएं हैं, जिनका बस 'नाम’ ही बाकी रह गया है
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