हरियाणा के हिसार, हांसी और भिवानी शहरों में आज भी कर्फ्यू लगा हुआ है जबकि जाट आंदोलन के दौरान हुई हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित रोहतक जिले में कर्फ्यू में चार घंटे की ढील दी गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रोहतक का दौरा किया जहां हिंसक स्थिति को रोकने में पुलिस की विफलता के विरोध में गुस्साए लोगों ने उनका घेराव किया।
हरियाणा में चल रहे जाट आंदोलन की आंच अब उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी पहुंचने लगी है। इससे भाजपा नेताओं की चिंता बढ़ गई है। भाजपा नेताओं को यह डर सताने लगा है कि अगर मामला जल्द नहीं सुलझा तो उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए मुश्किल बढ़ सकती है।
देश के ग्रामीण हिस्सों में रहने वाले सभी धर्मों के लोगों में बेरोजगारी की दर बढ़ी है। सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा जारी छमाही सर्वे के ताजा आंकड़े बताते हैं कि शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दरों में कमी आई है लेकिन इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले यहां बेरोजगारी अधिक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शायद अपनी जेब में ज्यादा पैसे रखना नहीं चाहते हैं जबकि उनकी कुल संपत्ति 1.41 करोड़ रुपये से अधिक की है। उनकी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा आवासीय प्रॉपर्टी से ही है जो उन्होंने 13 साल पहले खरीदी थी और अब इसकी कीमत 25 गुना से भी अधिक हो गई है।
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता तथा अन्य को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में 2 फरवरी से अंतिम सुनवाई होगी। सुनवाई के बाद अगर सुप्रीम कोर्ट ने जयललिता के खिलाफ फैसला दिया तो वह शायद इस वर्ष राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में शिरकत नहीं कर पाएंगी।
कालाधन के मामले में सरकार को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। कालेधन की घोषणा के लिए बनाए गए कंप्लायंस विंडो (अनुपालन खिड़की) के जरिये 31 दिसंबर तक विदेशों में अघोषित संपत्ति रखने वालों से 2,428.4 करोड़ रुपये का कर वसूला गया है। विंडो के तहत विदेशों में कालाधन रखने वालों द्वारा अघोषित संपत्ति के बारे में 600 से अधिक घोषणाएं की गईं।
केंद्र सरकार द्वारा नीलाम की गई दाऊद इब्राहिम की संपत्ति खरीदकर सुर्खियों में आए पूर्व पत्रकार और देश सेवा समिति के अध्यक्ष एस. बालाकृष्णन से प्राची पिंगले प्लंबर की बातचीत। पेश हैं कुछ अंश
लोकसभा में आज विभिन्न दलों के सदस्यों ने मांग की कि देश के मंदिरों, वक्फ बोर्डों और विभिन्न ट्रस्टों के पास पड़ी हजारों करोड़ की संपदा का इस्तेमाल समाज कल्याण योजनाओं में किया जाय। यही नहीं सरकार ट्रस्टों समेत देश में कार्यरत एनजीओ सेक्टर की लगातार निगरानी सुनिश्चित करे।