पहले भारतीय जनता पार्टी में मोदी लाओ देश बचाओ का नारा गूंजता था। लेकिन जब प्रदेश वह भी भाजपा के लिए इज्जत का सवाल उत्तर प्रदेश की बात आई है तो योगी लाओ उत्तर प्रदेश बचाओ का नारा गूंजने लगा है।
महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने सूबे में किसी पार्टी के खिलाफ पहली बार ऐसी कार्रवाई की है। मीडिया के अनुसार महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने असुदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम और पीस पार्टी का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है।
कानपुर में चल रही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की बैठक में हर दिन अलग-अलग मुद्दों पर चिंतन हो रहा है। उत्तर प्रदेश चुनाव के अलावा कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर संघ काम कर रहा है।
कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हुई हिंसा पर शिवसेना ने भाजपा पर निशाना साधा है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में लिखा है कि 'कश्मीीर की वर्तमान स्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक तरह से धोखा है, क्या महबूबा मुफ्ती के हाथों में कश्मीर घाटी की कमान देकर भाजपा ने गलती तो नहीं की?'
छह दिवसीय संघ की बैठक इन दिनों चर्चा में है। मिशन यूपी और मिशन मंदिर पर भी मंथन हो रहा है। ऐसा पहली बार हुआ है कि संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्यक्रम और उद्देश्यों के बारे में बात की।
महाराष्ट्र कैबिनेट विस्तार के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कैबिनेट के 3 बड़े नेताओं को झटका दिया है। विभागों में फेरबदल करते हुए पंकजा मुंडेे, विनोद तावड़े और प्रकाश मेहता का कद छोटा कर दिया गया है। तावड़े और पंकजा दोनों ही विवादों में उलझे रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के खास चंद्रकांत दादा पाटिल को बेहद महत्वपूर्ण राजस्व मंत्रालय का जिम्मा मिला है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारकों की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने के लिये संघ प्रमुख मोहन भागवत और सर कार्यवाह भैया जी जोशी समेत करीब 41 प्रांतों के प्रांत प्रचारक कानपुर पहुंच चुके हैं।
संघ के प्रांत प्रचारकों की वार्षिक बैठक आगामी 11 से 17 जुलाई को कानपुर में होने वाली है। इस बैठक में देश भर के संघ के प्रांत प्रचारक और संघ के आनुषंगिक संगठन हिस्सा लेंगे। संभावना है कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी इसमें हिस्सा लें।
अब तक यह मध्यप्रदेश की सियासी फिजाओं में था कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से संघ की ट्यूनिंग थोड़ी सी बिगड़ गई है। लेकिन हाल ही में शिवराज की नागपुर यात्रा ने इस बात को बल दे दिया है।