व्यापार करने में सुगमता का माहौल विकसित करने के लिए सरकार ने पहले भी कई कदम उठाए हैं और अब वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में आम बजट 2017-18 पेश करते हुए कई अन्य उपायों की घोषणा की है।
आम बजट में विकास के सुहावने सपने अच्छे लगते हैं। मोदी सरकार के नये वित्तीय वर्ष 2017-18 के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में लगभग 4 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
रोजगार सृजन के संदर्भ में कौशल विकास पर जोर देते हुए आज पेश बजट में कौशल केंद्रों को मौजूदा 60 जिलों से बढ़ाकर देशभर के 600 जिलों में शुरू करने की घोषणा की गई।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल के बजट में कृषि पर विशेष जोर देते हुए किसानों की आय अगले पांच साल में दोगुना करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है तथा कृषि क्षेत्र के लिए वित्त वर्ष 2017-18 में कर्ज का लक्ष्य एक लाख करोड़ रुपये बढ़ाकर रिकार्ड 10 लाख करोड़ रुपये किया है।
बजट सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में समग्र वार्ता होने की आज उम्मीद व्यक्त की। उन्होंने रेखांकित किया कि सरकार ने पिछले कुछ दिनों में यह सुनिश्चित करने के लिए सभी राजनीतिक दलों के साथ वार्ता की है कि सदन की कार्यवाही बाधित नहीं हो।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत में पहली बार बजट सत्र को समय से पहले आहूत करने और उसके साथ ही रेल बजट को विलय करने का उल्लेख करते हुए आज कहा कि लोकतंत्र के इस उत्सव के मूल्य एवं संस्कृति देश के लंबे इतिहास के हर दौर में फलते-फूलते रहे हैं। उनके संबोधन की शुरुआत और समापन सबका साथ, सबका विकास उक्ति से हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद सत्र के शुरू होने से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में कहा कि संसद महापंचायत है और सभी दलों को मिलकर सहयोग करना चाहिए। इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर सभी दलों ने हिस्सा लिया था।
पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है। यहां आदर्श चुनाव आचार संहित लागू हो चुकी है। जिन राज्यों में चुनाव होने हैं उनमें यूपी, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और गोवा शामिल हैं। इन सभी पांच राज्यों के चुनाव में सबसे ज्यादा अहमियत यूपी के विधानसभा चुनाव को दी जा रही है, जहां सात चरणों में चुनाव होने वाले हैं और इसकी शुरुआत 11 फरवरी से होने वाली है। जहां एक तरफ देश चुनावी माहौल में डूबा हुआ है वहीं एक फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा और इसे लेकर कई तरह से सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
मोदी सरकार का आम बजट अब 1 फरवरी को ही आएगा। चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार को बजट पेश करने की मंजूरी दे दी, लेकिन इसके साथ ही उसने शर्त रखी है कि इसमें पांच चुनावी राज्यों से जुड़ी किसी योजना का ऐलान नहीं किया जा सकता और न ही इन राज्यों में सरकार की उप्लब्धियों का बखान होना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी :सपा: अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी सरकार ने अपने चुनाव घोषणापत्र को मुकम्मल तौर पर लागू करके साबित किया है कि समाजवादियों की कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं है और आगामी केन्द्रीय बजट में भाजपा सपा सरकार की नकल करेगी।