शुरुआत में फीके रुझान के बावजूद केंद्र सरकार की स्वर्ण मौद्रिकरण योजना कामयाब होती नजर आ रही है। इस योजना के तहत अब तक घर या मंदिरों में रखा 500 किलोग्राम से ज्यादा सोना सरकार को मिल चुका है।
अधिक घरेलू बचत को शेयर बाजारों में लगाने का समर्थन करते हुए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड यानी सेबी के प्रमुख यूके सिन्हा ने कहा है कि शेयर बाजार लंबे समय से दीर्घकालिक स्तर पर 15 प्रतिशत से अधिक सालाना रिटर्न दे रहे हैं। उनका कहना है कि इसके विपरीत सोने पर मिलने वाला रिटर्न 15-20 साल की दीर्घकालिक अवधि के लिहाज से 5-6 प्रतिशत से अधिक नहीं रहा है।
वर्ष 2011 में अपने अब तक के सबसे ऊंचे भाव 1,900 $ से करीब 42 प्रतिशत गिरकर यह कीमती धातू अपने पांच साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह सोने में निवेश का सही समय है? जवाब दे रहे हैं आउटलुक बिजनेस के एक्सपर्ट