दिल्ली के 449 निजी स्कूलों पर मनमानी फीस वसूलने का आरोप था। शिक्षा निदेशालय के निर्देश के बाद भी उन्होंने स्कूली बच्चों के परिजनों से ली गई फीस वापस नहीं की थी।
सीबीआइ द्वारा दर्ज एफआइआर के मुताबिक, घूस को छिपाने के लिए मानस पात्रा पहले इस रकम को अपने एकाउंट में जमा कर लेता था। बाद में उस रकम को मल्होत्रा की पत्नी के बैंक एकाउंट में ट्रांसफर कर देता था।