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Search Result : "Gulzar casting story for film Aandhi"

मंटो की खातिर कान गईं नंदिता

मंटो की खातिर कान गईं नंदिता

नंदिता दास यूं तो पहले भी दो बार जूरी के सदस्य के रूप में कान फिल्मोत्सव में शिरकत कर चुकी हैं। लेकिन इस बार वह फिल्में देखने या रेड कारपेट पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के बजाय कुछ खास काम ले कर गई हैं।
सलमान की जगह वरुण निभाएंगे ‘शुद्धि’ में अहम रोल

सलमान की जगह वरुण निभाएंगे ‘शुद्धि’ में अहम रोल

'स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ के मुख्य अभिनेता वरुण धवन और मुख्य अभिनेत्री आलिया भट्ट फिल्मकार करण जौहर की महत्वाकांक्षी फिल्म ‘शुद्धि’ में मुख्य अहम भूमिकाएं निभाएंगे।
कागज-कलम की आदत नहीं बदल सकता: गुलज़़ार

कागज-कलम की आदत नहीं बदल सकता: गुलज़़ार

बीते पचास से भी ज्यादा वर्ष से शायरी और फिल्मी गीत लिख रहे गुलज़ार वैसे तो आधुनिक पीढ़ी के साथ लगातार तालमेल बिठाते रहे हैं लेकिन उनका कहना है कि वह कलम से कागज पर लिखने की अपनी पुरानी आदत नहीं बदल सकते।
ऐश्वर्या की सिल्वर स्क्रीन पर वापसी

ऐश्वर्या की सिल्वर स्क्रीन पर वापसी

पांच वर्षों के अंतराल के बाद फिल्म 'जज्बा' से सिल्वर स्क्रीन पर वापसी कर रही हैं ऐश्वर्या राय। इस फिल्म के पहली लुक को कांस फिल्मोत्सव में मिल रही प्रतिक्रिया से खुश हैं।
कान के रेड कार्पेट पर ऐश का जादू

कान के रेड कार्पेट पर ऐश का जादू

बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन ने एली साब का शानदार गाउन पहनकर कान फिल्मोत्सव के रेड कार्पेट पर अपनी बेमिसाल खूबसूरती का जलवा बिखेरा। 41 वर्षीय पूर्व विश्व सुंदरी बिना आस्तीन की नेट की ड्रेस में बेहद खूबसूरत लग रही थीं और उनके खुले बाल उनकी सुंदरता में चार चांद लगा रहे थे।
कहानी - उदासी का कोना

कहानी - उदासी का कोना

पुरुषोत्तम अग्रवाल ने कई पुस्तकों का लेखन किया है, जिनमें ‘संस्कृति : वर्चस्व और प्रतिरोध, ‘तीसरा रुख’, ‘विचार का अनंत’, ‘शिवदान सिंह चौहान’, ‘कबीर : साखी और सबद’, ‘मजबूती का नाम महात्मा गांधी’ (गांधी शांति प्रतिष्ठान, नई दिल्ली के वार्षिक भाषण का पुस्तक स्वरूप) 'अकथ कहानी प्रेम की : कबीर की कविता और उनका समय' प्रमुख हैं। प्रो॰ अग्रवाल की पुस्तक 'अकथ कहानी प्रेम की : कबीर की कविता और उनका समय' बहुत चर्चित पुस्तक रही है। वह एक प्रखर चिंतक और आलोचक हैं। उनका यात्रा-वृत्तांत ‘हिंदी सराय : अस्त्राखान वाया येरेवान' प्रकाशित हुआ है।
42 साल कोमा के बाद अरुणा शानबाग का निधन

42 साल कोमा के बाद अरुणा शानबाग का निधन

करीब 42 सालों से जिंदा लाश की तरह केईएम अस्पताल के वॉर्ड नंबर 4 में भर्ती अरुणा शानबाग की मौत हो गई। तीन दिन पहले उन्हें निमोनिया के चलते आईसीयू में रखा गया था।
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