मद्रास हाईकोर्ट ने चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) की याचिका पर गुरुवार को भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) को नोटिस भेजा है। सीएसके ने न्यायमूर्ति लोढ़ा समिति द्वारा टीम को इंडियन प्रीमियर लीग से निलंबित करने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। यह आदेश टीम के शीर्ष अधिकारी गुरुनाथ मयप्पन के 2013 में सट्टेबाजी में संलिप्त होने के आधार पर दिया गया है।
केंद्र सरकार ने सर्कुलर निकाल कर जिस तरह से पत्रकारों को सरकारी अधिकारियों से सीधे मिलने में रोक लगाई है, उस पर प्रेस परिषद से बकायदा पत्र लिख, अपनी चिंता का इजहार किया है
वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने फेसबुक एकाउंट बंद किए जाने को लेकर अपना विरोध कुछ इस तरह से दर्ज कराया है। पढ़े दिलीप मंडल का पत्र जो उन्होने फेसबुक के लिए लिखा है। उनसे कोई शिकायत नहीं है, जो मेरे नाम की नक़ली प्रोफ़ाइल बनाकर उसपर कुछ कुछ लिख रहे हैं। यह सब शरीर से बड़े हो चुके कुछ बच्चों का खेल है। डायपर पहनकर जो विरोध और विमर्श का तमाशा कर रहे हैं, उन बेचारों पर तो नाराज़ हो पाना भी मुश्किल है। उनकी भाषा उनका परिचय है, उनके हिसाब से उनका "संस्कार" है। प्लीज़, उन्हें माफ़ कर दीजिए।
सोशल मीडिया की बढ़ते महत्व को देखते हुए समाजवादी पार्टी अब मोबाइल एप्लीकेशन ‘एप’ के जरिए पार्टी की नीतियों के प्रचार-प्रसार करेगी। इसके लिए #samajwadiakhilesh समाजवादी अखिलेश के नाम से मोबाइल एप्लीकेशन ‘एप’ लांच किया गया।
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर आईपीएल टीम की निविदाओं के फेरबदल को लेकर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने दस्तावेजों के साथ कहा कि नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब आईपीएल की बोलियों में एकतरफा शर्तें रखवाने का काम किया। गौरतलब है कि मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे उस समय वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष और अमित शाह उपाध्यक्ष थे।
फिल्म स्टार ऋषि कपूर ने विवादों में घिरी राधे मां के बारे ट्वीट क्या किया उसके बाद तो सोशल मीडिया पर एक के बाद एक ट्वीट आने लगे। लोग राधे मां के विविध रूप को लेकर चुटकी ले रहे हैं। वहीं ऋषि कपूर ने लिखा कि राधे मां के फोटो पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि लिपिस्टक और गहने देखकर बिना चश्मे के मेरे मित्र बप्पी लहरी की याद आ गई।
उच्चतम न्यायालय ने सरकार की सभी नागरिकों को आधार कार्ड मुहैया कराने की महत्वाकांक्षी परियोजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं को संविधान पीठ को सौंपने के केंद्र के आग्रह पर आज सुनवाई पूरी कर ली। न्यायालय इस पर मंगलवार को फैसला सुनाएगा। न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि वह इस बारे में निर्णय करेगी कि केंद्र द्वारा उठाए गए सवालों को वृहद पीठ को भेजा जा सकता है या नहीं।