रेल यात्री अब सिर्फ 139 पर डायल कर अपना आरक्षित टिकट रद्द करा सकते हैं। इसके लिए आपको 139 डायल कर टिकट का पीएनआर नंबर और ट्रेन नंबर जैसी जरूरी जानकारी देनी होगी।
रेल बजट में बड़े पैमाने पर नई क्षमता के सृजन पर जोर दिये जाने और इसके लिए आवंटन बढा कर लगभग 1.25 लाख करोड़ रपये किये जाने की संभावना है। इनमें से बड़ा हिस्सा रेल बजट के इतर स्रोतों से जुटाए जाएंगे। रेल बजट 2015-16 गुरुवार 25 फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में बजट सत्र की घोषणा कर दी गई है। बजट के विस्तृत कार्यक्रमों के मुताबिक संसद का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा। रेल बजट 25 फरवरी को, आर्थिक सर्वेक्षण 26 फरवरी और आम बजट 29 फरवरी को पेश होगा।
कानपुर के फजलगंज थाना क्षेत्र के दर्शनपुरवा में आज एक धार्मिक पोस्टर का कथित तौर पर अपमान करने को लेकर दो संप्रदायों के बीच तनाव फैल गया और एक पक्ष ने दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार भीड़ में से किसी ने पुलिस पर गोली भी चलाई हालांकि इससे किसी नुकसान की खबर नहीं है।
एक विशेष सीबीआई अदालत ने राजधानी एक्सप्रेस और अन्य सुपरफास्ट प्रीमियम ट्रेनों में बोतलबंद पेयजल की आपूर्ति में कथित भ्रष्टाचार के सिलसिले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को आज 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के पास एक सुरंग धंसने के कारण उसमें फंसे तीन मजदूरों में से दो को कई दिनों के प्रयास के बाद आज सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि अब भी एक मजदूर के सुरंग के अंदर ही मलबे में फंसे होने की आशंका है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय बनाई गई नदी जोड़ परियोजना की रिपोर्ट गायब हो गई है। इस रिपोर्ट को उस समय सुरेश प्रभु ने तैयार किया था। सूत्रों के मुताबिक नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद एक बार फिर नदी जोड़ परियोजना को जोर-शोर से शुरू किए जाने की कवायद होने लगी। लेकिन जब इस परियोजना की पिछली रिपोर्ट को मांगा गया तब पता चला कि यह रिपोर्ट ही गायब हो गई।
गोरखपुर के रहने वाले राजेंद्र सिंह बीएसएफ के जवान हैं। उनका बेटा प्रदीप स्कूल की छुट्टियां होने के कारण कानपुर घूमने गया। कानपुर से वापसी के दौरान वह ट्रेन से कहीं लापता हो गया। बड़ी कोशिशों के बाद भी प्रदीप का कुछ पता नहीं चला। कानपुर जीआरपी ने पंद्रह दिन के बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की। लेकिन आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई।