देश में बुजुर्गों से संबंधित योजनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने समीक्षा की आवश्यकता बताई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय नीति एनपीओपी जैसी योजनाएं 1990 के दशक की हैं और सरकार को इन पर पुनर्विचार तथा समीक्षा करने की जरूरत है।
केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आज लोकसभा में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से संबंधित चार विधेयक पेश किया। उन्होंने कहा, इन चारों विधेयकों को एक साथ इसलिए पेश किया जा रहा है, क्योंकि विधेयकों की विषय-वस्तु एक जैसी ही है।
रिजर्व बैंक ने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया कि आखिर भारतीयों को 31 मार्च 2017 तक नोट बदलने की अनुमति क्यों नहीं दी गयी। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के दौरान लोगों को 31 मार्च तक नोट बदलने की अनुमति देने का आश्वासन दिया था।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने पाक में अल्पसंख्यक हिंदुओं की शादियों को लेकर बनाए गए नियमन के विधेयक को मंजूरी दे दी है। मंजूरी के बाद आज यह विधेयक कानून बन गया है और इसके लिए एक विशेष ‘पर्सनल लॉ' बनाया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा से पहले वित्त मंत्री अरूण जेटली से विचार-विमर्श किया था या नहीं, इस बारे में वित्त मंत्रालय ने जानकारी देने से मना कर दिया।
केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को निर्देश देते हुए कहा है कि महात्मा गांधी की हत्या पर जेएल कपूर आयोग की रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई का खुलासा किया जाए। इसमें कथित तौर पर कहा गया है कि सबूत केवल इस ओर इशारा करते हैं कि वीर सावरकर और उनका समूह आपराधिक साजिश का हिस्सा था।
देश के शैक्षणिक परिसरों में अध्यापकों के अभाव की समस्या नयी नहीं है। लेकिन सूचना के अधिकार :आरटीआई: से खुलासा हुआ है कि आईआईटी जैसे शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थान भी इससे जूझ रहे हैं। देश के 23 आईआईटी में शिक्षकों के औसतन लगभग 35 प्रतिशत स्वीकृत पद खाली पड़े हैं।
सरकार ने आज कहा कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने के प्रावधान वाले मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक को संसद के आगामी बजट सत्र में पेश करने के पूरे प्रयास किये जायेंगे।
सरकार ने कालाधन रखने वालों को एक और मौका देते हुए नोटबंदी के बाद जमा राशि की घोषणा पर कर, जुर्माना तथा अधिभार के रूप में कुल 50 प्रतिशत वसूली का प्रस्ताव आज संसद में किया। सरकार ने यह भी प्रस्ताव किया है कि इस अवधि में धन जमा कराने वालों के बारे में यदि यह सबित हुआ कि उन्होंने काला धन रखा है तो उनसे अधिक ऊंची दर और कड़े जुर्माने के साथ कुल 85 प्रतिशत की दर से वसूली की जाएगी।