आधार कार्ड अनिवार्य करने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक अहम फैसला देते हुए आधार कार्ड की अनिवार्यता पर रोक के अपने पहले के फैसले को बरकरार रखा है।
कैथोलिक चर्च ने अमेरिकी नाटक लेखिका जान पलमायर द्वारा लिखित नाटक एग्नेस ऑफ गॉड पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। यह नाटक एक नन द्वारा मृत बच्चे को जन्म देने पर आधारित है।
संजय चौबे के उपन्यास 9 नवंबर पर चर्चा और इसी नाम से नाटक की प्रस्तुति साहित्य संस्कृति कला की पत्रिका कोलाज कला और ग्रीनअर्थ विलेज वेलफेयर सोसायटी के सहयोग एवं सौजन्य से आयोजित किया गया। इस आयोजन में यंग्स थियेटर भोपाल के कलाकारों ने नाट्य प्रस्तुति दी। उपन्यास 9 नवंबर सांप्रदायिक घटना पर आधारित है। इस उपन्यास में सांप्रदायिकता को समझने और समाधान के नए तरीके और विकल्प को प्रस्तुत किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य है कि साहित्यिक कृतियों को नाट्य और फिल्म प्रस्तुतियों की नई संभावनाएं तलाशना है।
हजरत अमीर खुसरो की लिखी रुदार ए शिरीन एक ऐसी स्त्री की जीवन गाथा है जिसमें वह अपनी पहचान और अस्तित्व ढूंढने की कोशिश करती है। इसे संगीतमय रूप में दिल्ली घराने की महिला कलाकारों ने प्रस्तुत किया है। रुदार ए शिरीन यानी शिरीन की कहानी की मंच पर संगीतमय प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा।
उच्चतम न्यायालय ने आधार कार्ड की अनिवार्यता पर बरकरार संशय को खत्म करते हुए आज व्यवस्था दी कि सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं होगा। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस योजना में पंजीकरण के लिए एकत्र व्यक्तिगत बायोमेट्रिक आंकड़ों को साझा करने से भी प्राधिकारियों पर रोक लगा दी।
सोमवार रात योगेंद्र यादव और उनके स्वराज अभियान के साथियों की जंतर मंतर से की गई गिरफ्तारी की शैली पर आज दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को जमकर फटकार लगाई। अदालत ने इस तरह से शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोक कर गिरफ्तार करने और नाजायज तरीके से बिना मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए देर तक बिलावजह हिरासत में रखने पर पुलिस पर सख्त टिप्पणी की।
उच्चतम न्यायालय ने सरकार की सभी नागरिकों को आधार कार्ड मुहैया कराने की महत्वाकांक्षी परियोजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं को संविधान पीठ को सौंपने के केंद्र के आग्रह पर आज सुनवाई पूरी कर ली। न्यायालय इस पर मंगलवार को फैसला सुनाएगा। न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि वह इस बारे में निर्णय करेगी कि केंद्र द्वारा उठाए गए सवालों को वृहद पीठ को भेजा जा सकता है या नहीं।