उच्च शिक्षा या शिक्षा मात्र विचारहीनता के संकट से गुजर रही है। अभी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सारे केन्द्रीय विश्वविद्यालयों को फरमान जारी किया है कि वे चयन आधारित क्रेडिट व्यवस्था वाले पाठ्यक्रम 2015-16 से लागू करें। यह एक असाधारण आदेश है। विश्वविद्यालयों में क्या पढ़ाया जाएगा, क्या नहीं, यह तय करना आयोग के अधिकार-क्षेत्र से बाहर है। फिर भी, न सिर्फ उसने यह हुक्म जारी किया है, बल्कि अपने वेबसाईट पर उसने अनेक विषयों के पाठ्यक्रम बनाकर लगा भी दिए हैं। विश्वविद्यालयों को कहा गया है कि वे इन्हें तुरंत लागू करें। इनमें बीस प्रतिशत की हेर-फेर करने की छूट उन्हें है। यह अभूतपूर्व है और विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता में सीधा हस्तक्षेप है। मज़ा यह है कि आयोग यह नहीं बता रहा कि आखिर ये पाठ्यक्रम तैयार किन्होंने किए हैं! स्वाभाविक है कि उसके इस कदम का शिक्षकों की ओर से कड़ा विरोध हो रहा है।
न्यूयॉर्क के पूर्व मेयर माइकल ब्लूमबर्ग ने कोयला आधारित बिजली संयंत्रों से उत्सर्जन के लिए नए सार्वजनिक स्वास्थ्य मानक प्रस्तावित करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की है।
बीते पचास से भी ज्यादा वर्ष से शायरी और फिल्मी गीत लिख रहे गुलज़ार वैसे तो आधुनिक पीढ़ी के साथ लगातार तालमेल बिठाते रहे हैं लेकिन उनका कहना है कि वह कलम से कागज पर लिखने की अपनी पुरानी आदत नहीं बदल सकते।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण के तहत सोमवार को दक्षिण कोरिया पहुंच गए है। अपनी इस यात्रा के दौरान वह दक्षिण कोरियाई नेतृत्व के साथ आर्थिक एवं व्यापार सहयोग को बढ़ावा देने से जुड़े विषयों पर वार्ताएं करेंगे।
जाने-माने बैंकर के. वी. कामथ को आज ब्रिक्स देशों के समूह द्वारा गठित 50 अरब डॉलर के न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) का प्रमुख चुना गया है। ब्रिक्स समूह ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसी पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है।
भारतीय व्यवसायी सुभाष चंद्रा के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में बागी लीग खड़ी करने की अटकलों के बीच क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने किसी नई संस्था की संभावना को नकार दिया है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि वह अब भी आईसीसी के प्रति प्रतिबद्ध है।