देश में बढ़ती धार्मिक असहिष्णुता के विरोध में पिछले दिनों अपना साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने वाले मशहूर शायर मुनव्वर राना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुलावे पर जल्द ही उनसे मुलाकात करेंगे।
बिहार चुनाव के बीच भारतीय जनता पार्टी की अध्यक्ष अमित शाह की पत्नी सोनल शाह के पटना पहुंचने को लेकर सियासी हलके में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि अमित शाह के बिहार में लंबे प्रवास के कारण उनकी पत्नी पटना पहुंची है।
पिछले कुछ दिनों से पुरस्कार लौटा रहे लेखकों की सूची में नया नाम शायर मुनव्वर राणा का जुड़ गया है। इस मौके पर उन्होंने कहा, विरोध दर्ज कराने का इससे मजबूत और कोई जरिया नहीं है।
खुलना से ढाका की ओर मैंने जब रवानगी डाली तो दिन के दो बज रहे थे। खुलना से ढाका की दूरी मात्र 132 किलोमीटर है। लेकिन यह 132 किलोमीटर का सफर तय करने में मुझे पूरे नौ घंटे लगे। बीच में गंगा नदी को भी पार करना होता है, जो यहां आकर पद्मा बन जाती है। इस नदी पर कोई पुल नहीं है। बस, ट्रक, रिक्शे, सभी एक बड़े शिप पर सवार होते हैं और फिर उस पार पहुंचा दिए जाते हैं।
पटना हवाई अड्डे से बाहर निकलते ही यात्रियों का इंतजार कर रहे टैक्सी, ऑटो रिक्शा वालों ने पूछा कि कहां चलना है। कुछ न बोलते हुए जब आगे बढ़ा तो एक रिक्शा वाला मिला और बोला कहां चलना है साहब, मैंने कहा बोरिंग रोड। बोला छोड़ दूंगा। खैर मुझे बोरिंग रोड तो जाना नहीं था लेकिन मैंने सोचा रिक्शा से चलते कुछ चुनावी माहौल का जायजा लिया जाए। छपरा का रहने वाला रिक्शा चालक कमलेश से जब पूछा कि बिहार में चुनाव है और कहीं कोई शोर नहीं हो रहा कही कोई बड़े-बड़े पोस्टर नहीं दिखाई पड़ रहा है। कमलेश बोला कि साहब यह एयरपोर्ट का इलाका है जब आप शहर में जाएंगे तो हालात बदले हुए नजर आएंगे। खैर कमलेश ने बताया कि साहब किसी की लहर नहीं है कौन चुनाव जीतेगा कह पाना मुश्किल है। मैंने पूछा क्यों, कमलेश कहता है कि विकास का जो मुद्दा भारतीय जनता पार्टी का है तो वही मुद्दा तो नीतीश कुमार का रहा है। आज बिहार में जो विकास हुआ है वह नीतीश कुमार की ही बदौलत हुआ है।
बिहार विधानसभा चुनाव पर पूरे देश की नजर है। चुनाव परिणाम जो भी हो लेकिन सभी दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। मुख्य मुकाबला भाजपानीत राजग और महागठबंधन (जदयू, राजद, कांग्रेस) के बीच है। लोकसभा चुनाव के बाद राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में जीत की लय (दिल्ली को छोडक़र) बरकरार रखने के लिए भाजपा कड़ी मेहनत कर रही है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह आश्वत हैं कि इस चुनाव में भी जीत निश्चित है। शाह के व्यस्त कार्यक्रमों के बीच आउटलुक के विशेष संवाददाता ने पटना में विस्तार से बात की। पेश है प्रमुख अंश-
बिहार विधानसभा चुनाव में गोमांस का मुद्दा उछालकर और जातीय आधार पर माहौल को अपने पक्ष में करने की हो रही कोशिशों पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण के परिजन बेहद दुखी हैं और वह कल लोकनायक की जयंती पर आयोजित होने वाले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के कार्यक्रम में शिरकत नहीं करेंगे।
एक गिरजाघर है जो मंदिर सा दिखता है... और मस्जिद सा भी। एक त्यौहार है जो मुगलों के दौर से चला आ रहा है... जी हां , महरौली का हर पत्थर कुछ बोलता है और हिंदुस्तान की नायाब गंगा-जमुनी तहजीब के तराने सुनाता है।
बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की अंदरुनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। जिससे निपटने के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह अब एक सप्ताह तक पटना में रहकर कलह को दूर करेंगे। भाजपा अध्यक्ष के साथ पटना में डेरा डालने वालों में कई मंत्री और प्रदेश के प्रभारी, सह-प्रभारी शामिल हैं। मंगलवार को शाह अपनी टीम के साथ पटना पहुंच गए।
बिहार विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए भारतीय जनता पार्टी की तरफ से लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे दिग्गज नेता स्टार प्रचारक होंगे। पार्टी ने मंगलवार को अपने 40 स्टार प्रचारकों के नामों की सूची चुनाव आयोग को सौंपी है।