कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को राजस्थान के बांसवाड़ा में एक किसान रैली के साथ्ा ‘किसान आक्रोश आंदोलन’ की शुरुआत की। राहुल गांधी ने कहा कि आज उन्हें लोकसभा में किसानों के मुद्दे पर बात करने के लिए समय मांगा, पीएम नरेंद्र मोदी भी वहां मौजूद थे, लेकिन हमें एक मिनट भी नहीं दिया गया।
भाजपा हटाओ, देश बचाओ रैली राजद की रैली है बिहार के महागठबंधन की नहीं। इसमें गैर भाजपाई दलों के नेताओं को आमंत्रित किया गया है। इसमें यह बात मायने नहीं रखती कि इसमें जदयू शामिल होगी या नहीं।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर अहमदाबाद में बाबा रामदेव के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने योग किया। इस दौरान लोगों ने रिकॉर्ड कायम किया। साथ ही अमित शाह का योग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
योग गुरु बाबा रामदेव ने शनिवार को कहा था कि हम पूरी दुनिया में योग को लोकप्रिय बनाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि वह योग को लोकप्रिय बनाने के लिए दुनियाभर में 10,000 पतंजलि तंदुरूस्ती और स्वास्थ्य केंद्र की शुरूआत करेंगे।
बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म 'जब हैरी मेट सेजल' को लेकर काफी चर्चा में बने हुए हैं। फिल्म के प्रमोशन के लिए शाहरुख ने ट्रेलर नहीं बल्कि एक के बाद एक दो मिनी ट्रेल रिलीज कर दिए हैं। एसआरके ने कल ही मैच के दौरान पहला मिनी ट्रेलर और अब इसका दूसरा मिनी ट्रेल रिलीज कर दिया है।
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 75 मिनट तक बातचीत चली। अमित शाह के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी ठाकरे के आवास मातोश्री पहुंचे थे और तीनों ने बंद कमरे में बैठक की।
सभी किसानों की कर्जा माफी और फसल का न्यूनतम समर्थम मूल्य (एसएमपी) के मुद्दों पर देशभर के किसानों में अलख जगाने के लिए मध्यप्रदेश के मंदसौर से छह जुलाई को जनजागृति यात्रा निकाली जाएगी और यह यात्रा दो अक्तूबर को महात्मा गांधी के किसान आंदोलन की सौवीं वर्षगांठ पर बिहार के चंपारण में समाप्त होगी। यह फैसला शुक्रवार को दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान में जुटे करीब 130 किसान संगठनों ने सर्वसम्मति से लिया। इस यात्रा को अंजाम देने के लिए अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति का गठन किया गया है। इतनी बड़ी संख्या में किसानों के संगठन का एकसाथ जुटना किसान एकता की दिशा में एतिहासिक कदम माना जा रहा है। समजा जाता है कि किसानों की इस तरह एकजुटता लंबे अर्से बाद दिखाई दी है।