भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर सी रंगराजन ने सोमवार को कहा कि बैंक निष्पादित आस्तियां:एनपीए: यानी फंसे कर्ज को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं।
नोटबंदी से केवल आम लोग एवं किसान परेशान नहीं हुए, बल्कि इसने मियां-बीबी के बीच पैसे को लेकर तकरार भी पैदा की और इसके चलते मध्यप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा की घटनाओं में भी वृद्धि हुई। पति-पत्नी के झगड़ों को सुलझाने के लिए बने परामर्श केन्द्रों में इस दौरान दर्ज होने वाले मामलों में बढ़ोतरी हुई है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज बताया कि नोटबंदी की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री जनधन खातों में जमा धनराशि में वृद्धि हुई है। 25 जनवरी 2017 को जनधन खाते में 64,914 करोड़ रूपये की धनराशि जमा थी जो नोटबंदी लागू होने की तिथि से 20,884 करोड़ रूपये अधिक है।
अगले वित्त वर्ष के लिए रक्षा बजट 6.2 प्रतिशत बढ़कर 2.74 लाख करोड़ रुपये हो गया है जो मौजूदा वित्त वर्ष में 2.58 लाख करोड़ रुपये है। इसके साथ ही आधुनिकीकरण कार्यक्रमों के लिए पूंजीगत व्यय में 10.05 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है।
नोटबंदी से बने गतिरोध की वजह से भारत की सकल घरेलू उत्पाद :जीडीपी: वृद्धि अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में करीब 6 प्रतिशत रह सकती है जबकि जनवरी-मार्च तिमाही में यह और धीमी पड़कर 5.7 प्रतिशत रह सकती है। नोमुरा की रिपोर्ट में यह अनुमान व्यक्त किया गया है।
भारत के शराब कारोबारी विजय माल्या द्वारा बैंकों से कर्ज लेकर न चुकाने के मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 स्थानों पर छापेमारी कर आईडीबीआई के पूर्व चेयरमैन योगेश अग्रवाल समेत किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी ए रघुनाथन और एयरलाइंस के ही तीन पूर्व कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल नोटबंदी के मुद्दे पर आज संसदीय समिति के समक्ष पेशी के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के हस्तक्षेप के चलते संभावित खिंचाई से बच गए। यह जानकरी समिति के सूत्रों ने दी।
आरबीआई ने एटीएम से निकलने वाले रुपयों की सीमा बढ़ा दी है। अब हर रोज 4,500 की जगह 10,000 रुपये एटीएम से निकाल सकेंगे। आश्चर्य यह है कि रुपए निकालने की सीमा तो बढ़ा दी गई, लेकिन देश के अधिकतर एटीएम या तो खराब पड़े हैं या फिर उनमें रुपये ही नहीं हैं।
विश्वबैंक ने नोटबंदी के बाद चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर के बारे में अपने अनुमान को घटा दिया है पर उसके अनुसार अब भी यह सात प्रतिशत के मजबूत स्तर पर रहेगी। पहले का अनुमान 7.6 प्रतिशत था। साथ ही विश्वबैंक ने यह भी कहा है कि आने वाले वर्षों में देश की वृद्धि अपनी तेज लय पकड़ लेगी और 7.6 और 7.8 प्रतिशत के स्तर को पुन: प्राप्त कर लेगी।
भारतीय रिजर्व बैंक के दो पूर्व गवर्नरों वाई वी रेड्डी और बिमल जालान के बाद अब नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अमर्त्य सेन ने आज केन्द्रीय बैंक की स्वायत्तता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आजकल बैंक कोई फैसले नहीं करता, सभी निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करते हैं।