तिब्बती धर्म गुरू दलाई लामा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बहुत सालों से अपना अच्छा और नजदीकी मित्र बताते हुए उनके शराबबंदी के निर्णय की प्रशंसा की।
राहुल गांधी द्वारा सहारा डायरियों को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधे जाने के बीच आज एक विवाद शुरू हो गया जब कांग्रेस ने इससे जुड़ी एक सूची ट्विटर पर जारी कर दी जिसमें कांग्रेस नेता शीला दीक्षित का भी नाम कथित तौर पर शामिल है। इसके बाद शीला दीक्षित ने उन दस्तावेजों को तवज्जो नहीं दी।
रविचंद्रन अश्विन को आईसीसी वार्षिक पुरस्कारों में आज दोहरी खुशी मिली तथा जहां उन्होंने आईसीसी का वर्ष का क्रिकेटर बनने के लिये सर गारफील्ड सोबर्स ट्राफी हासिल की वहीं उन्हें आईसीसी का वर्ष का टेस्ट क्रिकेटर भी चुना गया।
सर आइजैक न्यूटन के मशहूर गति के तीन नियमों की व्याख्या समेत उनके मौलिक काम को खुद में समाहित करने वाली एक पुस्तक को 37 लाख डॉलर की बड़ी राशि में बेचा गया है। इसके साथ ही यह किसी नीलामी में बेची गई अब तक की सबसे महंगी मुद्रित वैज्ञानिक किताब बन गई है।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि मोदी के नोटबंदी के फैसले का हाल वही होगा जो कांग्रेस के नसबंदी के फैसले का हुआ था।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जमीन खरीदने के मामलेे में भाजपा की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। नीतीश ने कहा कि जमीन खरीद का मामला हमने जोर शोर से उठाया है। जब राज्य सरकार के पास यह मामला आयेगा तो संबंधित विभाग अपना काम करेंंगे।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह नेे कहा है कि नोटबंदी के बाद अब देश में नसबंदी के लिए सख्त कानून बनने की अत्यंत जरूरत है। गिरिराज सिंह बिहार भाजपा के दूसरे वरिष्ठ नेता हैं जिन्होंने नोटबंदी के बाद नसबंदी की जोरदार ढंग से वकालत की है।गिरिराज बिहार के नवादा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सदस्य हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कट्टर समर्थक हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी की नोटबंदी अब धीरे धीरे अपना असर दिखाने लगी है। कामगार वर्ग इस कदम से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। किसानों और सब्जी उत्पादकों को औने पौने दाम में अपने उत्पाद बेचने पड़ रहे हैं। मजदूरों की रोजी पर भी संकट आन पड़ा है। नोटबंदी से मंडियों में सब्जियों के दाम औंधे मुंह गिर गए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को वायरल बुखार के बाद सोमवार शाम दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार अब उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।
अहम सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर आधारित फिल्म बनाने वाले निर्देशक प्रकाश झा का कहना है कि इस देश में पूरी तरह से राजनीतिक फिल्म बनाना असंभव है, क्योंकि यहां अभिव्यक्ति की आजादी नहीं है।