साउथ के सुपरस्टार रजनीकांत को आजकल कई लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस विरोध का कारण कुछ और नहीं बल्कि रजनी के राजनीति में आने की खबरों को लेकर है। एक स्थानीय संगठन तमिलर मुन्नेत्र पडाई (टीएमपी) ने उनके खिलाफ विरोध शुरू कर दिया है।
सहारनपुर में हुई हिंसा के बाद 180 दलित परिवारों ने बौद्ध धर्म ग्रहण कर लिया है। दलितों की भीम आर्मी पर हिंसा और दंगे फैलाने का आरोप लगा है। दलितों ने इसी से खफा होकर इस तरह का कदम उठाया है। ये दलित तीन गांवों रूपड़ी, ईगरी व कपूरपुर के हैं। इन्होंने हिंदू धर्म त्यागने के दौरान बकायदा देवी-देवताओं की मूर्तियां पानी में प्रवाहित कर दी। दलितों ने पुलिस-प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
साउथ सुपरस्टार रजनीकांत जल्द ही राजनीति के पायदान पर कदम रख सकते हैं। इस तरह के संकेत कहीं और से नहीं बल्कि रजनी द्वारा अपने फैन्स को दिए जा रहे बयानों से साफ नजर आया। रजनी ने न सिर्फ राजनीति में ही आने की बात नहीं की बल्कि द्रमुक एवं अन्नाद्रमुक की बजाय किसी अन्य पक्ष के साथ गरीबों की राजनीति करने की बात कही।
22 साल पुराने हत्या के एक मामले में लालू यादव के करीबी और बिहार के महाराजगंज से सांसद रहे चुके प्रभुनाथ सिंह को हजारीबाग की एक अदालत ने दोषी करार दिया है। इस मामले में सजा 23 मई को सुनवाई जाएगी। उधर फैसले के बाद प्रभुनाथ सिंह को जेल भेज दिया गया है।
एसएस राजमौली के निर्देशन में बनी फिल्म 'बाहुबली-2' ने महज 6 दिन में 700 करोड़ रूपए की कमाई कर सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस फिल्म से जुड़ा एक वीडियो यू-ट्यूब पर काफी वायरल हो रहा है, जिसमें फिल्म के लिए स्टार्स द्वारा चार्ज की गई फीस के बारे में बताया गया है।
तीन तलाक के मसले पर हो रही सियासत के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस पर बयान दिया है। इस मुद्दे पर उन्होंने राजनीति नहीं करने की बात करते हुए मुस्लिम समाज से इस लड़ाई के खिलाफ आगे आने की अपील की है।
दिल्ली एमसीडी चुनाव एवं विधान सभा चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के बाद फिर से पार्टी के भीतर विचार-विमर्श को दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित ने राहुल गांधी को कुछ सलाह दी हैं।
मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के माना गांव में आजादी के बाद पहली बार दलित समाज के एक युगल की शादी में बैंड बाजे के साथ धूमधाम से बारात निकाली गई, लेकिन इसके लिए सरकार को सशस्त्र पुलिस बल तैनात करनी पड़ी।