सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने अपने बेटे और पूर्व यूपी सीएम अखिलेश यादव को दरकिनार करते हुए राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए को समर्थन देने का ऐलान किया है।
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय तुअर दाल पर आयात शुल्क की दर 10 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत किए जाने के पक्ष में है। खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने सोमवार को कहा कि हम यह कदम किसानों के हक में उठाना चाहते हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अब राष्ट्रपति चुनाव पर एनडीए के उम्मीदवार को जिताने के लिए अपनी कूटनीति का उपयोग करेंगे। राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए 546828 मतों की जरूरत है। एनडीए के पास 532592 वोट हैं। इस तरह पीएम मोदी और शाह को यहां भी जीत का परचम लहराने के लिए 14236 वोट चाहिए।
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने शुक्रवार को नई दिल्ली में कहा कि पेप्सी का बोतलबंद पानी एक्वाफिना देश भर में एक ही अधिकतम खुदरा बिक्री मूल्य (एमआरपी) पर उपलब्ध होगा।
भाजपा के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने आरक्षण पर आरएसएस के प्रचार प्रमुख के विवादास्पद बयान पर कड़ी आपत्ति जताई और पूछा कि ऐसे बयान चुनावों के दौरान क्यों दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह का बयान बिहार चुनावों में राजग को महंगा साबित हुआ था।
राजग सरकार की महत्वाकांक्षी 9,393 करोड़ रूपये की केन बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के 2017 की पहली तीमाही से शुरू होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है और इस परियोजना को हरित पैनल और आदिवासी मामलों के मंत्रालय की मंजूरी मिल गई है। इससे 6.35 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और बुंदेलखड में पेयजल की समस्या से निपटने में मदद मिलने की उम्मीद है।
कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए पूछा है कि क्या यह संयोग है कि 1000 एवं 2000 रुपए के बड़े नोट भाजपा-राजग सरकार लेकर आई है तो ऐसे में आखिरकार कालेधन को कौन प्रोत्साहित कर रहा है?
बिहार की महागठबंधन सरकार के एक साल पूरा होने के एक दिन पूर्व भाजपा नीत राजग ने नीतीश सरकार की विफलताओं को लेकर एक रिपोर्ट कार्ड जारी किया और आरोप लगाया कि यह सरकार हर मोर्चे, विशेष रूप से कानून-व्यवस्था के मामले में विफल रही है।
केंद्र सरकार ने कहा है कि केरल और तमिलनाडु जैसे दो बाकी बचे दो बड़े राज्यों के शामिल होने के साथ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून इस महीने से पूरे देश में लागू हो गया है।
वामपंथी दलों और दलित संगठनों के नेताओं ने शुक्रवार को राजग सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कथित गोरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया और दावा किया कि समुदाय के सदस्यों के खिलाफ अत्याचार के मामले बढ़ रहे हैं।