नेपाल में बुधवार को एक बार फिर भूकंप के ताजा झटके महसूस किए गए है। मंगवार को यहां आए शक्तिशाली भूकंप में 65 लोगों के मारे जाने के बाद डरे हुए हजारों लोगों ने खुले में ही रात बिताई।
पिछले आठ दशक से भी ज्यादा समय में आए सबसे भीषण भूकंप की त्रासदी का सामना कर रहे नेपाल में भारत सहित दुनिया भर से आए राहतकर्मी पीडि़तों तक पहुंचने और उनको मदद पहुंचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं।
रूसी संसद के विदेश मामलों की समिति के प्रमुख एलेक्जेई पुशकोव ने फ्रांस की साप्ताहिक व्यंग्य पत्रिका शार्ली एब्दो के नवीनतम संस्करण में छपे यूक्रेन में युद्धविराम से संबंधित कार्टून की निंदा करते हुए इसे घृणास्पद करार दिया है।
कार्टून पर हमले भलेही यूरोपीय देशों में हो रहे हों, लेकिन अपने देश में वह पहले ही मरणासन्न हालत में है. साढ़े तीन दशक पहले जब हमने पत्रकारिता में कदम रखा था तब लगभग हर अखबार में कार्टून छपा करते थे, उन पर चर्चा हुआ करती थी, नामी कार्टूनिस्ट हुआ करते थे. हिन्दी अखबार, जिनकी अर्थव्यवस्था अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती थी, वहाँ भी दो-दो कार्टूनिस्ट होते थे.