भाजपा के बढ़ते वर्चस्व के बीच अब गौ रक्षा को लेकर देशभर के राजनीतिक तबकों में तरह तरह के बयान सामने आ रहे हैं। ताजा बयान भाजपा शासित छत्तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह का है।
गोवंश सुरक्षा को लेकर गुजरात विधानसभा ने एक नया कानून पारित किया है। इसके बाद गो हत्या करने वाले को उम्रकैद की सजा होगी। वहीं गो मांस मिलने पर सात से दस साल की सजा होगी। गो मांस के साथ पकड़े जाने पर एक लाख से पांच लाख का आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है।
यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी गोरखपुर में समर्थकों और कार्यकर्ताओं को जोश में होश बनाए रखने की नसीहत दे रहे थे उसी समय उनकी पार्टी भाजपा के एक विधायक ने विवादित बयान दे डाला है।
यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी द्वारा राज्य के अवैध बूचडखाने बंद करने की कार्ययोजना और गायों की तस्करी की पाबंदी के बीच योगी की वेबसाइट पर गौहत्या को लेकर जनमत संग्रह हो रहा है। योगी के गोरखपुर में गोरखनाथ मंदिर स्थित कार्यालय ने इस खबर की पुष्टि की।
धनबाद में कांग्रेस नेता और पूर्व उप महापौर नीरज सिंह पर हमलावरों ने दनादन 36 गोलियां दाग कर मौत के घाट उतार दिया। हमलावरों ने स्पीड ब्रेकर का फायदा उठाते हुए गाड़ी के सामने से 26 गोलियां दागी। नीरज सामने की सीट पर ही बैठे थे और उन्हें 14 से ज्यादा गोलियां लगी। गोलीबारी के बाद परिजन नीरज सिंह को सेंट्रल अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें दिवंगत घोषित कर दिया।
महाराष्ट्र के सांगली में कन्या भ्रूण हत्या के एक दिल दहलाने वाले मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने यहां से 19 भ्रूण बरामद किये हैं। ये सभी भ्रूण लड़कियों के हैं, गर्भपात के बाद इन शवों को एक स्थानीय नाले के पास गाड़ दिया गया था।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आड़े हाथ लेते हुए आरोप लगाया कि वह अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की हत्याओं से बेपरवाह हैं।
निर्भया कांड के पश्चात किशोर न्याय अधिनियम में किए गए संशोधन के बाद मध्यप्रदेश के झाबुआ की एक अदालत ने दो नाबालिगों को हत्या के आरोप में वयस्क की श्रेणी में रखा और उन्हें दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा सुनाई है।
व्हाइट हाउस ने कहा है कि कंसास से मिल रही प्रारंभिक खबरें चिंता पैदा करने वाली हैं, जहां स्पष्ट रूप से घृणा अपराध के मामले में एक भारतीय इंजीनियर की गोली मारकर हत्या कर दी गई और एक व्यक्ति घायल हो गया।
राष्ट्रीय राजधानी में गौमांस उपभोग को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहे दिल्ली उच्च न्यायालय से शहर की पुलिस ने कहा है कि पुलिस महज एक कानून प्रवर्तन एजेंसी है और उसका किसी वैधानिक प्रावधान की संवैधानिक वैधता से कुछ लेना-देना नहीं है।