पश्चिम बंगाल विधानसभा में आज सत्तारूढ तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व में नोटबंदी के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया गया। हालांकि उसे कांग्रेस और वामदलों का समर्थन हासिल नहीं हुआ जो राष्ट्रीय स्तर पर मोदी सरकार द्वारा किये गये फैसले का विरोध करते हुए उसके साथ हैं।
बड़े नोटों को अमान्य करने के निर्णय को गरीबोन्मुखी और कालाधन के खिलाफ जंग करार देते हुए वित्त राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि इस निर्णय से देश में आर्थिक गतिविधियों का दायरा बढ़ेगा और आने वाले समय में जीडीपी वृद्धि दर 2 प्रतिशत बढ़कर 10 प्रतिशत के स्तर तक पहुंचेगी।
देश में मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले के करीब 15 दिनों के बाद अब अंतरराष्ट्रीय आर्थिक एजेंसियां सुर बदलते हुए विकास दर घटने का अनुमान लगाने लगी है। हालांकि मोदी सरकार इस बात पर अब भी रजामंद नहीं हो रही है कि नोटबंदी से अर्थव्यवस्था को किसी तरह का नुकसान होगा। लेकिन इससे उलट अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां मोदी सरकार के इस सकारात्मक पक्ष को नहीं मान रही हैंं।
नोटबंदी से आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित होंगी और इससे निकट भविष्य में वृद्धि कमजोर पड़ेगी। हालांकि, दीर्घावधि में इससे कर राजस्व बढ़ेगा और यह तेजी से राजकोषीय मजबूती में तब्दील होगा। मूडीज इन्वेस्टर सर्विस की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
आंध्रप्रदेश सरकार आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोगों को नकदीरहित लेनदेन करने में सक्षम बनाने के लिए सभी को मुफ्त में मोबाइल फोन देगी। वर्तमान नकदी संकट को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
राष्टपति प्रणब मुखर्जी ने आज कहा कि अगर सरकार की स्वच्छ भारत व डिजिटल इंडिया जैसी नवोन्मेषी पहलों का कार्यान्वयन सफलतापूर्वक होता है तो भारत दुनिया में एक आधुनिक आर्थिक शक्ति बनेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज आगरा में आयोजित एक रैली में कहा कि करोड़ों रूपये के चिटफंड घोटाले के पीछे जिन नेताओं का हाथ रहा है, वे उन पर हमला इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि नोटबंदी से उन्हें करारी चोट पड़ी है। मोदी की इस टिप्पणी को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखे हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने आज कहा कि नोटबंदी का फैसला सोच विचार कर लिया हुआ नहीं लगता है। इसका असर उम्मीद से ज्यादा लंबे समय तक बना रह सकता है। उन्होंने फैसले पर आश्चर्य जताते हुए सवाल उठाया कि सरकार ने यह निर्णय लेने से पहले क्या अपने मुख्य आर्थिक सलाहकार से विचार विमर्श किया था।
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने राष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा किरदार अदा करने के संकेत दिये हैं। अनेक राजनीतिक पार्टियों ने ममता के इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुये भारतीय जनता पार्टी और इसकी सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ लड़ने की जरूरत बतायी है।