चीन के सरकारी मीडिया में प्रकाशित एक आलेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति में कोई नाटकीय सुधार नहीं होने और इसके सुरक्षा केंद्रित होने का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि चीनी नागरिकों को ई-वीजा मुहैया कराने का उनका फैसला अपर्याप्त है और इसका कारोबारी और कामकाजी वीजा तक विस्तार होना चाहिए।
राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता एल देवेंद्रो सिंह (49 किलो) दोहा अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच गए जबकि छह अन्य ने सेमीफाइनल में जगह बना ली।
एनडीटीवी में सीनियर एक्जक्यूटिव एडिटर अभिज्ञान प्रकाश टेलीविजन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। वह न तो बाजार की होड़ देखते है और न ही ब्रेकिंग न्यूज के फेर में पड़ते हैं। महंगाई, गांव, गरीब, किसान अभिज्ञान की खबरों के केंद्र में रहते हैं। इसके पीछे वे मानते हैं कि इन पर चर्चा तो खूब होती है लेकिन जमीन पर काम कुछ भी नहीं होता। ‘न्यूज प्वाइंट’ और ‘मुकाबला’ जैसे चर्चित कार्यक्रमों में अभिज्ञान इन मुद्दों को बखूबी उठाते भी हैं। आउटलुक के साथ विशेष बातचीत में उन्होने मीडिया, सरकार और समाज को लेकर बातचीत की पेश है प्रमुख अंश-
क्या बिना मीट परोसे आप किसी को सिर्फ मीट मसाला खिला सकते हैं? कूटनीतिक और राजनयिक समाचार कथाओं के संदर्भ में भारतीय मीडिया अक्सर यही करता है। वह मसाला चखाने के चक्कर में मीट परोसना भूल जाता है। विदेश नीति और राजनय से संबंधित घटनाक्रम अक्सर आम जनजीवन से इतने दूर और ओट में होते हैं कि आम दर्शक अमूमन मसाले को ही मीट समझने की भूल कर बैठता है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा की राजनयिक कथा में मंगोलिया दौरे की उपकथा की अहमियत भारतीय मीडिया की नजरों से ओझल रही और यह अहम उपकथा आम भारतीय दर्शक या पाठक की प्लेट में परोसी ही नहीं गई।