ऐसा लगता है कि मोदी सरकार का पहला साल कारोबारी जगत को रास नहीं आ रहा। तभी तो शेयर बाजार लगातार बेजार होता जा रहा है और सेंसेक्स पिछले चार महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है।
केंद्र की मोदी सरकार अगर कारोबार को बढ़ावा देने के नाम पर श्रम कानूनों में बदलाव के अपने एजेंडे पर अड़ी रहती है तो देश की मजदूर यूनियनें इसके खिलाफ हड़ताल पर जाने से नहीं हिचकेंगी। इसमें भाजपा से जुड़ी श्रमिक यूनियनें भी शामिल होंगी। इस बारे में कोई भी फैसला 26 मई को लिए जाने की उम्मीद है।
एशियाई बाजार में तेजी के रुख के बीच कारोबारियों द्वारा चुनिंदा क्षेत्र के शेयरों की खरीद बढ़ाए जाने से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स सेमवार के शुरुआती कारोबार में 291 अंक मजबूत होकर 27,302.63 अंक पर पहुंच गया।
बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स सोमवार को 479 अंक की लंबी छलांग के साथ 27,490.59 अंक पर पहुंच गया। वाहन, रीयल्टी तथा रिफाइनरी कंपनियों के शेयरों में लिवाली से बाजार की धारणा को बल मिला। अप्रैल में लगातार बिकवाली के बाद निवेशकों ने अब नए सौदे किए हैं। नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंक की बढ़त के साथ एक बार फिर 8,300 अंक के स्तर के पार निकल गया।
कोषों एवं निवेशकों की ओर से माह के अंत में डेरिवेटिव सौदों के निपटान के मद्देनजर चुनिंदा शेयरों में बिकवाली बढ़ाये जाने से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स गुरुवार के शुरआती कारोबार में 295 अंक कमजोर होकर 27,000 अंक से नीचे चला गया है।
अपने आक्रामक तेवर जारी रखते हुए कांग्रेस ने गुरुवार को दिल्ली सरकार के कानून मंत्री जितेन्द्र सिंह तोमर को उनकी कथित फर्जी डिग्री के मद्देनजर पद से बर्खास्त करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।
बंबई उच्च न्यायालय ने गाय, बैल और भैंस के मांस को रखने, उसे लाने-ले जाने और उसके उपभोग पर प्रतिबंध लगाने वाले महाराष्ट्र के हालिया कानून के प्रावधानों पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। इस कानून के अनुसार, इन जानवरों का वध महाराष्ट्र से बाहर करके यहां लाने पर भी प्रतिबंध प्रभावी रहेगा।
भारत सरकार का कहना है कि पत्नी से बलात्कार की अवधारणा भारत में लागू नहीं हो सकती। क्योंकि यहां विवाह को संस्कार माना जाता है। इस तर्क के आधार पर सरकार ने वैवाहिक संबंधों में होने वाले बलात्कार को कानूनन अपराध बनाने से इंकार कर दिया है।