वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी परिषद की कल से तीन दिन की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो रही है जिसमें जीएसटी दर पर फैसला किया जाना है। अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में व्यापक बुनियादी सुधार के प्रस्तावित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली को एक अप्रैल 2017 से लागू करने का लक्ष्य है। जीएसटी परिषद इस बैठक में राज्यों को नयी प्रणाली में राजस्व हानि पर क्षतिपूर्ति के फार्मूले जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान तय करेगी।
सरकार की एक अप्रैल से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने की योजना के साथ राजस्व विभाग के समक्ष 60,000 फील्ड अधिकारियों को प्रशिक्षण देने की एक बड़ी चुनौती है। विभाग अब तक केवल 3,074 कर्मियों को ही जरूरी प्रशिक्षण उपलब्ध करा पाया है।
भाजपा शासित मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में आय घोषणा योजना आईडीएस के बाद कालाधन घोषित करने वालों की संख्या में खासी बढ़ोतरी हुई है। इन दोनों राज्यों में 20 दिनों में लोगों की संख्या 193% बढ़ी है। इस योजना के प्रारंभ में इन दो राज्यों में बिना पैन के 36,000 लेन-देन की जानकारी विभाग के पास थी। इन सभी को नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद काफी लोगों ने अपनी आय घोषित की।
विदेशी कोष नियमों का कथित उल्लंघन करने को लेकर गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) पर सरकार की कार्रवाई के बीच उच्चतम न्यायालय ने देश भर में कुकुरमुत्ते की तरह उग आए ऐसे करीब 30 लाख संस्थाओं को गंभीरता से लिया है। इनमें से कई एनजीओ बरसों से आयकर रिटर्न नहीं दाखिल कर रहे हैं।
जीएसटी काउंसिल का गठन तय होने के बाद वस्तु एवं सेवाकर की सबसे ऊंची दर पर खींचतान निश्चित होगी। जीएसटी की अधिकतम दर क्या होगी, यह तय करने का काम काउंसिल का है और राज्य व केंद्र विपक्ष की 18 फीसदी की मांग पर सहमत होंगे, इसकी कोई उम्मीद फिलहाल नहीं दिख रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अत्यधिक बैंकिंग गोपनीयता खत्म करने के लिए जी 20 के सदस्य देशों का आहवान करते हुए साफ किया कि प्रभावी वित्तीय संचालन के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ पहल करने के वास्ते पूर्ण प्रतिबद्धता और आर्थिक अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह खत्म करने की जरूरत है। चीन के पूर्वी भाग में स्थित हांगझोउ शहर में आयोजित जी 20 सम्मेलन के दूसरे दिन मोदी ने अपने भाषण में कहा कि प्रभावी वित्तीय संचालन के लिए भ्रष्टाचार, कालाधन और करचोरी से निपटना महत्वपूर्ण है।
जीएसटी के जन्मदाता होने के कांग्रेस के दावे पर हास्य-विनोद के अंदाज में प्रधानमंत्राी नरेन्द्र मोदी ने कहा कि जन्म कोई दे, लालन पालन कोई करे। कृष्ण को जन्म किसी ने दिया, कृष्ण को बड़ा किसी ने किया। लोकसभा में जीएसटी पर संविधान :122 वां संशोधन: विधेयक पर चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए प्रधानमंत्राी ने कहा कि इस समय वह सभी रजनीतिक दलों, सभी राज्य सरकारो समेत सभी का धन्यवाद करने के लिए खड़े हुए हैं।
महत्वपूर्ण कर सुधारों वाला वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक सोमवार को लोकसभा में आएगा। लोकसभा में भी इसे लगभग सभी दलों का समर्थन मिलना लगभग तय माना जा रहा है। कुछ संशोधनों के साथ राज्यसभा में यह पहले ही पारित हो चुका है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध एक प्रमुख संगठन भारतीय मजदूर संघ ने कहा है कि वह उत्पाद एवं सेवा कर (जीएसटी) का विरोध करेगा क्योंकि इससे आम लोगों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। हालांकि भाजपा नीत राजग सरकार ने जीएसटी को ऐतिहासिक और सबसे महत्वपूर्ण कर सुधार बताया है।