उद्योग जगत ने भारतीय सेना द्वारा नियंत्रण रेखा के पार जाकर आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के कदम का पूरा समर्थन करते हुए आज कहा कि यह कड़ी कार्रवाई का समय है।
नियंत्रण रेखा के पार आतंकी ठिकानों पर सेना के लक्षित हमले के आलोक में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सर्वदलीय बैठक कर बड़े राजनीतिक दलों के नेताओं को स्थिति के बारे में बताया। वहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने काग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर इस संबंध में उनसे चर्चा की।
कांग्रेस ने नियंत्रण रेखा के पार आतंकी ठिकानों पर लक्ष्य कर किये गये हमलों की प्रशंसा की और कहा कि व़ह पूरी तरह सशस्त्र बलों के साथ है। भाजपा ने नियंत्रण रेखा के पार घुसपैठ के लिये इस्तेमाल किये जाने वाले आतंकी ठिकानों को लक्ष्य कर की गयी कार्रवाई के लिये सशस्त्र बलों की सराहना की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सरकार कथनी नहीं करनी में विश्वास रखती है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने नियंत्रण रेखा के पार आतंकी ठिकानों पर भारत द्वारा किए गए लक्षित हमलों को एक ऐसा हमला बताया जिसका सभी लोग इंतजार कर रहे थे।
पाकिस्तान के फिल्म उद्योग को चिंता है कि अगर भारत-पाकिस्तान संबंध और खराब होते हैं और देश में हिन्दी फिल्मों पर प्रतिबंध लगता है तो उसे 70 प्रतिशत तक नुकसान उठाना पड़ सकता है। फिल्म जगत के लोगों को डर है कि अगर स्थिति बेहतर नहीं होती है तो आखिरकार भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध लगाने की आवाज उठेगी।
सीमा पर भारतीय सैनिकों के बलिदान को याद करते हुए राष्ट्रीय हाकी टीम के कप्तान पीआर श्रीजेश ने आज कसम खायी कि उनकी टीम अगले महीने मलेशिया में होने वाली एशियाई चैंपियन्स ट्राफी में पाकिस्तान को हराने के लिये जी जान लगा देगी।
नेपाली मीडिया का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत द्वारा दक्षेस सम्मेलन में भाग नहीं लेने के फैसले के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी पाकिस्तान को करनी थी। काठमांडो पोस्ट की खबर के अनुसार, भारत द्वारा मौजूदा परिस्थितियों में 19वें दक्षेस सम्मेलन में भाग लेने में अक्षमता जताए जाने के बाद, इसे स्थगित कर दिया गया है।
उड़ी हमले की पृष्ठभूमि में भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पड़ोसी देश की 19 लड़कियां मंगलवार की रात चंडीगढ़ पहुंचीं। इन लड़कियों का मानना है कि जंग का यह अफसाना सिर्फ हमारी सरकारों और मीडिया तक सीमित है जबकि सरहद के दोनों तरफ की आवाम को अमन चाहिए।
जम्मू कश्मीर के उड़ी में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के फलस्वरुप दिल्ली में आगामी नवंबर में होने वाले इंडिया इंटरनैशनल ट्रेड फेयर में पाकिस्तान के भाग लेने पर संशय के बादल मंडराने लगे हैं। इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन के सूत्रों का कहना है कि दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बाद यह पाक के भाग लेेने का मसला काफी 'संवेदनशील' हो गया है। इस बारे में किसी अहम फैसले का इंतजार किया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के भाषण पर गहरी निराशा प्रकट करते हुए कांग्रेस ने कहा कि मोदी सरकार ने पाकिस्तान को आतंकवादी देश नहीं कहकर एक बार फिर अपनी कमजोर प्रतिक्रिया से नाकामी दिखाई है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, संयुक्त राष्ट्र में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के भाषण से गहरी निराशा हुई। पाकिस्तान को आतंकी देश कहने में भी संकोच। रणनीतिक अस्पष्टता।