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Search Result : " Giving employment is not a matter of king "

गेंद हो या बल्‍ला, पासा पलटने में माहिर हैं आंद्रे रसेल

गेंद हो या बल्‍ला, पासा पलटने में माहिर हैं आंद्रे रसेल

आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स की स्थिति मजबूत होती जा रही है। पिछले दोनों मैंच उसने उम्‍दा प्रदर्शन की बदौलत जीते हैं। आरसीबी के खिलाफ जहां युसूफ पठान का बल्‍ला बोला था तो पंजाब के खिलाफ चमत्‍कारिक आलराउंडर आंद्र रसेल ने अं‍तिम ओवरों में बेहतरीन गेंदबाजी कर टीम की झोली में जीत डाल दी।
जरा इधर भी ध्यान दें, सेना में 8600 अधिकारियों की है कमी

जरा इधर भी ध्यान दें, सेना में 8600 अधिकारियों की है कमी

सेना में चिकित्सा और दंत चिकित्सा कोर तथा सैन्य नर्सिग सेवा को छोड़कर 8,671 अधिकारियों की कमी है। यह जानकारी उच्च सदन राज्‍यसभा में दी गई।
परदेस में नरेंद्र मोदी के स्वागत और विरोध के तीखे स्वर

परदेस में नरेंद्र मोदी के स्वागत और विरोध के तीखे स्वर

भारत के जमीनी मुद्दों की गूंज प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्राओं में सुनाई देने लगी है, ब्रिटेन की यात्रा में दोनों पक्षों की तैयारियां पूरी
हंगामे के बावजूद सरकार अब सदन में काम कराएगी

हंगामे के बावजूद सरकार अब सदन में काम कराएगी

ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार ने सोच लिया है कि संसद में विपक्षी दलों के हंगामे के बावजूद जरूरी विधायी कार्य निपटाएगी। इसकी एक बानगी शुक्रवार को लोकसभा में देखने को मिली जब कांग्रेस, वामदलों एवं कुछ अन्य विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बावजूद लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने लोकसभा की कार्यवाही स्‍थगित नहीं की और प्रश्नकाल का संचालन होता रहा।
डायन कानून के बावजूद ज्‍यादती की शिकार महिलाएं

डायन कानून के बावजूद ज्‍यादती की शिकार महिलाएं

राजस्थान में महिलाओं को डायन बताकर प्रताड़ित करने की घटनाओं को रोकने के लिए कानून तो बन गया। लेकिन यह कानून अब तक जमीन पर नहीं उतरा है। पुलिस इस कानून से बेखबर है और औरत पर सितम ढाने वाले बेखौफ।
कुछ सवाल जो पनगढ़िया छिपा गए

कुछ सवाल जो पनगढ़िया छिपा गए

नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया ने अपने ब्लॉग में देश की आर्थिक तरक्की का जिक्र किया है और इसमें कृषि को छोड़ अन्य दूसरे क्षेत्रों का योगदान बताया है। लेकिन उन्होंने यह जिक्र करना शायद उचित नहीं समझा कि पिछले जिस दशक के दौरान अर्थव्यवस्‍था में सबसे तेज विकास हुआ, उसी अवधि में रोजगार की विकास दर सबसे धीमी क्यों रही?
‘प्यारी मौत शुक्रिया, अरुणा को ले जाने के लिए’

‘प्यारी मौत शुक्रिया, अरुणा को ले जाने के लिए’

38 साल बाद बिना न्याय पाए अरुणा शानबाग ने दुनिया को अलविदा कह दिया है। जैसे ही अरुणा शानबाग की मौत की खबर की पुष्टि हुई, सोशल मीडिया पर हैशटेग # Aruna shanbaug पर सेलिब्रिटिज समेत तमाम लोगों ने अरुणा के प्रतिं संवेदना जाहिर की। कुछ ने बलात्कार पर कानून के ढीले रवैये पर गुस्सा जाहिर किया तो कुछ ने समाज पर। इस बीच ज्यादातर लोगों ने मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल (केईएम) अस्पताल के स्टाफ की उन नर्सों को सलाम किया, जो बिना स्वार्थ के पिछले 38 सालों से अरुणा की सेवा कर रही थीं। फेसबुक और टि्वटर पर अरुणा को श्रद्धांजलि संबंधी कुछ टिप्पणियां-
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