Advertisement

Search Result : "मंटो"

मंटो के नाम नंदिता दास का खत,

मंटो के नाम नंदिता दास का खत, "मैं तुम्हारी चौथी बेटी..."

फिल्म निर्देशक नंदिता दास की एक चिट्ठी खूब पढ़ी जा रही है। फेसबुक पर उन्होंने जाने माने लेखक सआदत हसन 'मंटो' की याद में एक चिट्ठी पोस्ट की है जिसकी लोगों द्वारा खूब सराहना की जा रहा है।
एक कलाकार दे रहा है पुराने लेखकों और कवियों को नई पहचान

एक कलाकार दे रहा है पुराने लेखकों और कवियों को नई पहचान

पुराने लेखकों और कवियों की अच्छी तस्वीरें इंटरनेट पर शायद ही मिलती हैं। ऐसी स्थिति का सामना हम में से ज्यादातर लोग करते तो हैं लेकिन इस स्थिति का हल नहीं निकाल पाते हैं। ऐसे में एक कलाकार कई तरह के कला माध्यमों का सहारा लेकर पूराने लेखकों-कवियों की पहचान को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहा है।
‘बड़े शौक से सुन रहा था जमाना, तुम्ही सो गए दास्तां कहते-कहते’

‘बड़े शौक से सुन रहा था जमाना, तुम्ही सो गए दास्तां कहते-कहते’

यह लगभग चार साल पहले की बात है। भारत में अफसानानिगार सआदत हसन मंटों की 100वीं जन्मशताब्दी मनाई जा रही थी। दिल्ली और पंजाब में कई कार्यक्रम आयोजित हो रहे थे। इस सिलसिले में एक कार्यक्रम दिल्ली में भी आयोजित हुआ जिसमें मंटो पर बात करने के लिए पाकिस्तान से कई अफसानानिगार और बुद्धिजीवि आए। उसी कार्यक्रम में पाकिस्तान के मशहूर उर्दू कहानिकार और पत्रकार इंतिजार हुसैन भी आए थे। वहीं उनसे पहली मुलाकात रही। हमेशा से इंतिजार हुसैन उतने ही भारतीयों के भी रहे जितने वह पाकिस्तान के थे। वह भी मंटो की बेबाक लेखनी के दीवाने थे। इंतजार साहब का जन्म पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के दिबाई गांव में हुआ था। मंगलवार को 93 वर्षीय इस लेखक का पाकिस्तान में निधन हो गया। भारत में किस प्रकार सोशल मीडिया पर लोगों ने इंतिजार साहब को याद किया-
उर्दू अदब की कहानी,शायर हनफी की जुबानी

उर्दू अदब की कहानी,शायर हनफी की जुबानी

‘गजल एक लंबी यात्रा तय करती हुई, वस्ल की रात, महबूब की जुल्फें, हिज्र, सनम की बेरुखी, रुखसार, हुस्न और इश्क के सांचे से निकल चुकी है।‘ ऐसा कहना है कि उर्दू के मशहूर अफसानानिगार और गजलकार मुजफ्फर हनफी का। वह कहते हैं, ‘ लोग मानते हैं कि गजल औरतों से गुफ्तगू करने का नाम है, जो इश्कमिजाजी से लबरेज रहती है जबकि गजल अब विषय पर केंद्रित हो चुकी है। यहां तक कि गालिब जैसों ने भी विषयों पर गजलें लिखी है लेकिन यह अलग बात है कि गजल के उस रूप को तवज्जो कम मिली।
अब अंग्रेजी में पढ़िए मंटो

अब अंग्रेजी में पढ़िए मंटो

लघु कहानियां लिखने वाले मशहूर किस्सागो सआदत हसन मंटो की कहानियों का संग्रह का अब अंग्रेजी अनुवाद उपलब्ध है। युनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन मेडिसन में उर्दू साहित्य और इस्लामी अध्ययन के मानद प्रोफेसर मुहम्मद उमर मेमन ने इस संग्रह का अनुवाद किया है। इसे माई नेम इज राधा : द एसेंशियल मंटो नाम से प्रकाशित किया गया है जो हिंदी या उर्दू न समझ पाने वाले पाठकों को मंटो की दुनिया में ले जाएगी
Advertisement
Advertisement
Advertisement