सीरिया में शिया मस्जिद के निकट रविवार को हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 45 लोगों की मौत हो गई। धमाके सीरिया की राजधानी दमिश्क के दक्षिण में स्थित एक शिया बहुल जिले में हुए जिसमें 100 से ज्यादा घायल हो गए।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के संस्मरणों पर आधारित किताब, दि टर्बुलेंट ईयर्स:1980-1996 का गुरुवार को उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने विमोचन किया। किताब में बाबरी मस्जिद को गिराए जाने की घटना का जिक्र करते हुए मुखर्जी ने लिखा कि अयोध्या में रामजन्मभूमि मंदिर का ताला खुलवाना प्रधानमंत्री राजीव गांधी का गलत निर्णय था। मुखर्जी ने बाबरी विध्वंस को पूर्ण विश्वासघात करार दिया जिसने भारत की छवि नष्ट कर दी।
मैं अयोध्या के बाराबंकी कस्बे का रहने वाला हूं। मैंने अपने इलाके और उसके आसपास कभी राम मंदिर और बाबरी मस्जिद को लेकर नफरत का माहौल नहीं देखा। इस माहौल की शुरूआत दिल्ली से हुई। सन 1947 में हमारी जमीन बंटी और 1992 में हमारे दिल बंट गए। जिस दिन हमारे दिल बंटे, वह दिन हमारे लिए सबसे बदनसीब दिन था। चुनाव जीतने के चक्कर में हमारी नस्लें बरबाद हो गईं। हैरान हूं कि यह लोग अभी भी चैन से नहीं बैठ रहे हैं। आखिर यह इस मुद्दे को कहां ले जाकर छोड़ना चाहते हैं?
रेलवे के कुछ मार्गों पर 2017 में 160 से 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली भूरे, गाढ़े नीले और पीले रंगों में रंगी ट्रेनें दिख सकती हैं। भारतीय रेल ने सेमी हाई स्पीड ट्रेनें शुरू करने की योजना बनायी है और राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) द्वारा तैयार की गई इन रंगों की योजना वाइटैलिटी (उत्साह) का चयन किया है जो सबसे तेज रफ्तार वाले जानवर चीता से प्रेरित है। इन ट्रेनों के डिब्बे भूरे और गाढ़े नीले रंग में रंग होंगे और उनका किनारा पीले रंग का होगा।
आगरा में एक सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान एक विचित्र स्थिति उत्पन्न हो गई जहां पंचायत चुनाव होने वाले हैं। यहां की पुलिस ने आचार संहिता के उल्लंघन का हवाला देते हुए शादी करने जा रहे 23 दूल्हों को जबरन घोड़ी से उतार दिया।
पेरिस हमले के बाद अमेरिका पर भी आतंकी हमले का भय दिखाकर अब वहां मुस्लिमों पर कड़ी निगरानी की बातें जोर पकड़ने लगी हैं। रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की दावेदारी की दौड़ में आगे चल रहे डोनाल्ड ट्रंप ने सीधे-सीधे यह कहा है कि यदि वे राष्ट्रपति चुने गए तो देश को आतंकवाद से बचाने के लिए अमेरिका में मुस्लिमों के डेटाबेस की व्यवस्था को निश्चित तौर पर लागू करेंगे।
देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री और बाबरी मस्जिद के खिलाफ उग्र राष्ट्रव्यापी मंदिर आंदोलन चलाने वाले लालकृष्ण आडवाणी का मानना है कि देश में असहिष्णुता का माहौल बढ़ रहा है। यह लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। इस टिप्पणी का संदर्भ भी कम दिलचस्प नहीं है।
विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक अशोक सिंहल को महात्मा घोषित कर देना चाहिए और तोहफे के रूप में उन्हें राम मंदिर भेंट करना चाहिए। दिल्ली के खचाखच भरे सिविक हॉल में जब संत समाज की ओर से यह मांग उठी तो ‘ जय श्री राम, भारत माता की जय ’ के जयघोष गूंजने लगे। मौका था अशोक सिंहल के 90वें वर्ष में प्रवेश करने पर आयोजित भव्य कार्यक्रम का। इस कार्यक्रम में एक बात साफ हो गई कि संत समाज समेत विश्व हिंदू परिषद में अभी भी राम मंदिर की उम्मीद कायम है।