प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंबेडकर जयंती के मौके पर डिजिटल लेनदेन को सुगम बनाने के लिए भीम-आधार डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। यह पेमेंट सिस्टम खासतौर पर उन लोगों के लिए है, जिनके पास डेबिट कार्ड, ई-वॉलेट और मोबाइल फोन नहीं है। इसे सफल बनाने के लिए एक रेफरल योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत हर नए व्यक्ति को भीम एप से जोड़ने पर 10 रुपये का ईनाम दिया जाएगा।
अगर आपने अपना बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक नहीं कराया है, तो जल्द करा लीजिए। बुधवार को आयकर विभाग ने साफ कहा कि जुलाई 2014 से अगस्त 2015 के बीच खोले गए सभी एनआरआई के बैंक अकाउंट, बीमा अकाउंट और स्टोक्स अकाउंट आधार कार्ड से 30 अप्रैल तक लिंक हो जाना चाहिए। अगर खाताधारक ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो उनके अकाउंट ब्लॉक कर दिए जाएंगे।
वित्त अधिनियम-2017 के तहत एक जुलाई से देश में आय कर रिटर्न भरने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य हो जाएगा। इसके अलावा पैन कार्ड बनवाने के लिए भी एक जुलाई से आधार अनिवार्य हो जाएगा।
क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी की निजी सूचना लीक होने की घटना की पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार ने आज कहा कि आधार सिस्टम पूरी तरह फुलप्रूफ है और उससे किसी प्रकार की कोई सूचना या डाटा लीक नहीं हुआ है और न ही हो सकता है।
नागरिकों का आधार कार्ड बनाने में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की मदद करने वाली एक एजेंसी ने कुछ ज्यादा ही उत्साहित होते हुए क्रिकेट खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी के आधार कार्ड की जानकारी को ट्विटर पर शेयर कर दिया।
क्रिकेटर एमएस धोनी के आधार कार्ड के विवरण के सार्वजनिक होने के मामले को गंभीरता से लेते हुये भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण :यूआईडीएआई: ने उस संस्था को 10 साल के लिये ब्लैक लिस्ट कर दिया है जिसने क्रिकेटर का कार्ड बनाया था।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि केंद्र सरकार अपनी कल्याणकारी योजनाओं के लिए आधार को जरूरी नहीं कर सकती। मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि सामाजिक कल्याण की योजनाओं के लिए आधार को जरूरी नहीं किया जा सकता। लेकिन, इसे गैर-लाभकारी योजनाओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
फर्जी लाइसेंस बनाने पर रोक लगाने के लिए अब आधार को अनिवार्य किया जा सकता है। केंद्र सरकार इस तरह का प्रस्ताव राज्य सरकारों को भेजने वाली है। इससे एक ही नाम पर अलग-अलग राज्यों में लाइसेंस बनाने पर रोक लगेगी। नए लाइसेंस और पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए जल्द ही यह नियम लागू होगा।
सभी मौजूदा मोबाइल उपभोक्ताओं को जल्द ही अपना आधार आधारित पुन:प्रमाणन कराना पड़ सकता है। सरकार ने इस संबंध में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।