वित्त अधिनियम-2017 के तहत एक जुलाई से देश में आय कर रिटर्न भरने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य हो जाएगा। इसके अलावा पैन कार्ड बनवाने के लिए भी एक जुलाई से आधार अनिवार्य हो जाएगा।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आज से कालेधन के खिलाफ एक देश व्यापक ऑपरेशन छेड़ दिया है। ईडी ने देशभर में एक साथ 300 फर्जी कंपनियों के खिलाफ छापेमारी की कार्रवाई शुरू कर दी है। ईडी ने 300 फर्जी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत 100 स्थानों पर छापे मारे। ये वे कंपनियां हैं जिन्होंने नोटबंदी के दौरान बड़े पैमाने पर कालेधन को खपत किया था।
आयकर विभाग ने आज कालाधन धारकों को आगाह करते हुए कहा है कि उसके पास उनके द्वारा जमा कराई गई बेहिसाब नकदी के बारे में पूरी सूचना है। विभाग ने कहा कि वह इस कालेधन को पाक साफ होकर निकलने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) का इस्तेमाल करना चाहिए।
आयकर विभाग ने आज ऐसी 29 कंपनियों और लोगों के नाम सार्वजनिक किए हैं जिनके ऊपर 448.02 करोड़ रूपये का कर बकाया है और वह उसका भुगतान नहीं कर रहे हैं। विभाग ने बकाया कर नहीं चुकाने वालों के नाम सार्वजनिक कर उन्हें शर्मिंदा करने की रणनीति के तहत यह कदम उठाया है।
सरकार ने आज टैक्स के मामले में अहम फैसला करते हुए 18 लाख छोटे कर बकायेदारों को बड़ी राहत दी है। आयकर विभाग ने 100 रुपये तक के अब तक के सभी कर बकायों को माफ करने का फैसला किया है।
दुनिया भर में आर्थिक क्षेत्र में एक बेहतर निवेश संभावनाओं वाले देश के रूप में अपनी पहचान बना चुके भारत के मामले में एक रोचक तथ्य यह भी है कि यहां प्रत्येक 100 मतदाताओं में से केवल सात ही करदाता हैं। इसके आधार पर कहा जा रहा है कि दुनिया के इस सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में राजकोषीय लेकतंत्र विकसित नहीं हो सका है।
कंपनी कर की दर को घटाकर 25 प्रतिशत करने की घोषणा के दो साल बाद सरकार ने आज कहा कि इस तरह की कोई भी कटौती तभी हो सकती है जब व्यक्तिगत आयकर में अच्छी वृद्धि दर्ज होने लगेगी और ज्यादा से ज्यादा लोग आयकर देने लगेंगे।
सरकार ने कहा कि उसने ऐसे 18 लाख लोगों की पहचान कर ली है, जिन्हें नोटबंदी का सरकारी फरमान जारी होने के बाद के सप्ताहों में किए गए बड़े कैश लेनदेन के स्रोत की जानकारी देनी होगी। यह कदम इनकम टैक्स विभाग के ऑपरेशन क्लीन मनी/स्वच्छ धन अभियान कार्यक्रम के तहत उठाया जाएगा।
व्यक्तिगत आयकरः 3 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं
व्यक्तिगत आयकर की दर 2.5 लाख से 5 लाख की कर दर 5 फीसदी, पहले यह 10 फीसदी थी
पांच लाख तक आय वाले लोगों के लिए एक पेज का आयकर रिटर्न