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Search Result : "आलोक शर्मा"

दिल्ली के प्रगति मैदान में 4 अक्टूबर से विश्वस्तरीय पर्यटन मेला

दिल्ली के प्रगति मैदान में 4 अक्टूबर से विश्वस्तरीय पर्यटन मेला

आगामी 4 अक्टूबर से दिल्ली के प्रगति मैदान के हॉल संख्या 18 में बीआईटीबी के आरंभिक संस्करण के रूप में तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ हो रहा है। पर्यटन, वरिष्ठ नेतृत्व और बिजनेस नेटवर्किंग पर विशेष फोकस वाले इस मेले का प्रायोजक आईटीबी बर्लिन है।
हवाला-छापों से हैरान ए.के.। आलोक मेहता

हवाला-छापों से हैरान ए.के.। आलोक मेहता

ए.के.- 67 के कारतूस लगातार खोखले और ‘आप हंता’ साबित हो रहे हैं। 70 में से 67 का भारी बहुमत और टोपी-कमीज-चप्पल से बनी प्रारंभिक लोकप्रिय छवि वाला मुख्यमंत्री भारतीय राजनीति में पहले कभी नहीं उभरा। केवल दो साल की राजनीतिक गोलीबारी के साथ संपूर्ण भारत पर राजनीति की महत्वाकांक्षा पालने वाले ए.के. यानी अरविंद केजरीवाल अब हैरान हैं।
जियो कॉल ड्रॉप विवाद: दूरसंचार कंपनियों को नोटिस जारी करेगा ट्राई

जियो कॉल ड्रॉप विवाद: दूरसंचार कंपनियों को नोटिस जारी करेगा ट्राई

इंटरकनेक्शन को लेकर जारी विवाद के बीच दूरसंचार नियामक ट्राई ने आज आगे आते हुए कहा कि वह बातचीत के दौरान कॉल कटने यानी कॉल ड्रॉप को लेकर टेलीफोन कंपनियों को नोटिस जारी करेगा।
समय गांवों के वादे निभाने का। आलोक मेहता

समय गांवों के वादे निभाने का। आलोक मेहता

भारतीय जनता पार्टी अपने नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की शताब्दी के अवसर पर राष्ट्रीय परिषद में भविष्य की दशा-दिशा तय कर रही है। दीनदयालजी कांग्रेस और पंडित नेहरू की विचारधारा से कई अहसमतियां रखते थे और कम्युनिस्टों के तो बिल्कुल विरोधी थे। लेकिन भारतीय जनसंघ (जो एक बार जनता पार्टी में विलय के बाद पुनः भारतीय जनता पार्टी बन गई) के लिए भी दीनदयाल उपाध्याय सामाजिक-आर्थिक समानता, ग्रामीण अंत्योदय, राजनीतिक ईमानदारी, त्याग, सत्ता में दंभ के बजाय जनता की सेवा और समर्पण के विचारों को बढ़ाना चाहते थे।
अब पीलीभीत में एक बेटे ने ठेले पर ढोया पिता का शव, वायरल हुआ वीडियो

अब पीलीभीत में एक बेटे ने ठेले पर ढोया पिता का शव, वायरल हुआ वीडियो

पिछले दिनों उड़ीसा के एक सरकारी अस्पताल से वाहन नहीं मिलने पर पत्नी के शव को कंधे पर 12 किलोमीटर तक ढोने वाले दाना मांझी का वीडियो वायरल होने के बाद अब उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां एक बेटे का अपने पिता के शव को ठेले पर लादकर ले जाते हुए वीडियो वायरल हुआ है।
मराठा गौरव को आरक्षण। आलोक मेहता

मराठा गौरव को आरक्षण। आलोक मेहता

मराठा पृष्ठभूमि गौरवशाली रही है। मराठा राजा-महाराजाओं का सत्ताकाल, स्वतंत्रता आंदोलन और आजाद भारत में आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धियों का बड़ा श्रेय मराठा समुदाय को मिलता है। मुंबई, पुणे, औरंगाबाद, नागपुर जैसे क्षेत्रों में उद्योग-व्यापार, शिक्षा, पर्यटन, सहकारी समितियों की संस्था एं, कृषि, विज्ञान इत्यादि में नए रिकॉर्ड बने हैं। फिर भी पिछले दिनों राजनीतिक इरादों से मराठा आरक्षण देने की मांग को लेकर हजारों लोगों का प्रदर्शन हुआ है।
सिद्धू के द कपिल शर्मा शो से अलग होने की अफवाह खारिज

सिद्धू के द कपिल शर्मा शो से अलग होने की अफवाह खारिज

द कपिल शर्मा शो के निर्माताओं ने राजनेता नवजोत सिंह सिद्धू के इस हास्य कार्यक्रम से अलग होने की अफवाहों का खंडन किया है। कुछ समय से ऐसी अफवाहें थीं कि सिद्धू लोकप्रिय स्टैंडअप हास्य कलाकार कपिल शर्मा के कार्यक्रम से अलग हो रहे हैं।
अब अमेरिकी ऊंट पहाड़ के नीचे। आलोक मेहता

अब अमेरिकी ऊंट पहाड़ के नीचे। आलोक मेहता

भारत पिछले कई वर्षों से अमेरिका सहित दुनिया के देशों को पाकिस्तान में पल रहे आतंकवादी दानवों के खतरे की ओर ध्यान आकर्षित करता रहा है। फिर भी अमेरिका बड़े पैमाने पर पाकिस्तान को आर्थिक मदद एवं अत्याधुनिक हथियार देता रहा। ओसामा बिन लादेन के तालिबानी हमले के बाद उसने अफगानिस्तान के कुछ क्षेत्रों पर बमबारी की और सैनिक तैनात किए लेकिन पाकिस्तान में छिपे लादेन के अपवाद को छोड़कर किसी आतंकवादी ठिकाने को निशाना नहीं बनाया।
इशांत शर्मा चिकनगुनिया से पीडि़त, पहले टेस्ट से बाहर

इशांत शर्मा चिकनगुनिया से पीडि़त, पहले टेस्ट से बाहर

तेज गेंदबाज इशांत शर्मा चिकनगुनिया बीमारी से पीड़ित होने के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ 22 सितंबर से ग्रीन पार्क (कानपुर) में होने वाले पहले टेस्ट मैच में नहीं खेल पाएंगे। भारतीय कोच अनिल कुंबले ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
कश्मीर मुद्दे पर मीडिया का हमला। आलोक मेहता

कश्मीर मुद्दे पर मीडिया का हमला। आलोक मेहता

भारतीय सैनिक टुकड़ी पर पाकिस्तानी आतंकवादी हमले को कायराना और निंदनीय कहते हुए उत्तेजक प्रतिक्रिया स्वाभाविक है। इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों और देश भर में आक्रोश भी उचित है। लेकिन यह पहला अवसर नहीं है। 1947 से आज तक पाकिस्तान ने भारतीय सीमाओं पर हर सभंव हमले, घुसपैठ और गड़बड़ियां की हैं। सन 1965 और 1971 के पाकिस्तानी आक्रमण का करारा जवाब लालबहादुर शास्त्रीर और इंदिरा गांधी ने दिया था। दोनों अवसरों पर पाकिस्तानी सेना को करारी पराजय के साथ समर्पण करना पड़ा था।
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