उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन विवाद में केंद्र की याचिका पर आज सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सात सवालों का जवाब मांगा है। कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 3 मई की तारीख तय की है। इस बीच नैनीताल उच्च न्यायालय के फैसले पर स्थगन रहेगा जिसका मतलब हुआ कि 29 अप्रैल को सदन में शक्ति परीक्षण नहीं होगा और अगली सुनवाई तक राज्य में राष्ट्रपति शासन जारी रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य को विशेष पैकेज क्या दिया यही पैकेज केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल राज्य के मंत्रियों के लिए बड़ा हथियार बन गया है। केंद्रीय मंत्री इसी पैकेज का जिक्रकर उपलब्धियों का बखान कर रहे हैं और राज्य सरकार को कोस रहे हैं कि विकास के लिए मिल रही धनराशि का राज्य उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
देश-दुनिया को न्याय दिलाने वाले भारतीय न्यायाधीशों की कोई यूनियन नहीं होती। वे नारे नहीं लगा सकते। विरोध में प्रदर्शन नहीं कर सकते। स्वयं बनाई आचार संहिता के तहत अधिकांश न्यायाधीश भव्य पार्टियों से भी बचते रहते हैं। निजी समारोह में भी कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करते। विधि संस्थानों अथवा प्रतिष्ठित संस्थानों को छोड़कर सभाओं को संबोधित करने नहीं जाते। केवल सत्य निष्ठा और निष्पक्ष न्याय उनका मूल मंत्र और लक्ष्य होता है। कानूनी ग्रंथों के अलावा अदालत में प्रस्तुत प्रकरणों की मोटी फाइलें दिन-रात पढ़ते और फैसले लिखते हैं।
देश के उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों और मुख्यमंत्रियों के संयुक्त सम्मेलन के दौरान एक क्षण ऐसा भी आया जब भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर बेहद भावुक हो गए और उनका गला भर आया।
संसद के सोमवार से शुरू हो रहे नए सत्र में उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन मुद्दे के हावी रहने की पूरी संभावना है। लोकसभा अध्यक्ष द्वारा आज बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस ने स्पष्ट कहा कि वह इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करेगी वहीं सरकार ने दावा किया कि मामले के उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण इस पर चर्चा नहीं कराई जा सकती।
भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर ने आज कहा कि उच्चतम न्यायालय का कोलेजियम पुनरीक्षित प्रक्रिया-पत्रा (मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर) पर सरकार को अगले हफ्ते तक अपना जवाब देगा। प्रक्रिया-पत्र एक ऐसा दस्तावेज है जो उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामलों में मार्गदर्शन करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बार फिर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की पुरजोर वकालत की। उनके इस सुझाव को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का समर्थन मिला लेकिन विपक्षी कांग्रेस ने आलोचना की।