Advertisement

Search Result : "करिश्मा देव दुबे की बिट्टू"

क्या भारत में बाघों की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई !

क्या भारत में बाघों की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई !

भारत में कितने बाघ हैं। सरकार के सबसे हालिया आकलन के अनुसार यह संख्या 2,226 है। वैज्ञानिक आधार पर की गई गणनाओं का आकलन है कि यह संख्या लगभग 1500 से 3000 के बीच रह सकती है। इतना अधिक अंतर नामी परियोजना प्रोजेक्ट टाइगर को सफल या विफल बनाने में एक बड़ी वजह बन सकता है। इसलिए ये आकलन नीति निर्धारण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं।
‘कांग्रेस के 15-20 नेताओं को जबरन भेजो छुट्टी पर’

‘कांग्रेस के 15-20 नेताओं को जबरन भेजो छुट्टी पर’

विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस में उपजी बेचैनी और पार्टी में बड़े बदलाव की मांग के बीच एक पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लगभग दर्जन भर वरिष्ठ नेताओं को अनिवार्य छुट्टी पर भेजने की मांग की है।
लोस में गूंजा पंजाब में किसान आत्महत्याओं और असम में आतंक का मामला

लोस में गूंजा पंजाब में किसान आत्महत्याओं और असम में आतंक का मामला

पंजाब में किसानों द्वारा आत्महत्या करने और असम में आतंकी समूह की सक्रियता का मामला आज लोकसभा में उठा तथा केंद्र सरकार से इसकी जांच कराने और जरूरी कार्रवाई करने की मांग की गई।
टोइफा 2016 शुरू, तकनीकी श्रेणियों में बाजीराव मस्तानी का जलवा

टोइफा 2016 शुरू, तकनीकी श्रेणियों में बाजीराव मस्तानी का जलवा

संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी फिल्म बाजीराव मस्तानी ने टाइम्स ऑफ इंडिया फिल्म अवार्ड्स के दूसरे सत्र के दुबई में शुरू होने पर सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन समेत तकनीकी श्रेणियों में सर्वाधिक पुरस्कारों पर कब्जा किया।
चंडीगढ़ पहुंचे फ्रांस के राष्‍ट्रपति, पीएम मोदी से मुलाकात

चंडीगढ़ पहुंचे फ्रांस के राष्‍ट्रपति, पीएम मोदी से मुलाकात

गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलाेंद आज चंडीगढ़ पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चंडीगढ पहुंचकर उनका स्‍वागत किया। फिर दोनों शहर के मशहूर रॉक गार्डन गए और बाद में भारत-फ्रांस व्‍यापार सम्‍मेलन में शामिल हुए।
बजट पूर्व सिफारिशः राजकोषीय घाटे के लक्ष्य में नरमी बरतें वित्त मंत्री

बजट पूर्व सिफारिशः राजकोषीय घाटे के लक्ष्य में नरमी बरतें वित्त मंत्री

अर्थशास्त्रियों ने बुधवार को सरकार को सुझाव दिया कि मौजूदा कठिन हालात में आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए सरकार को अगले वित्त वर्ष के राजकोषीय घाटे को सीमित करने में ढील देकर सार्वजनिक व्यय बढाने पर विचार कर सकती है।
व्यापमं: मप्र सरकार ने वकीलों पर खर्च किए सवा करोड़

व्यापमं: मप्र सरकार ने वकीलों पर खर्च किए सवा करोड़

एक गैर सरकारी संगठन का आरोप है कि मध्य प्रदेश सरकार ने व्यापमं और डीमैट घोटाले के मामलों में सीबीआई जांच से बचने के लिए वरिष्ठ वकीलों की सेवाएं लीं। यही नहीं राज्य सरकार ने इसके लिए अपने ही विधि विभाग के दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया और सेवा के लिए उन वकीलों को सवा करोड़ रुपये का भुगतान भी किया।
पंजाब के खूनी पुलिसवाले का कबूलनामा | कंवर संधू

पंजाब के खूनी पुलिसवाले का कबूलनामा | कंवर संधू

मार्च 1986 में जब पंजाब में उग्रवाद बेकाबू हो रहा था तब महाराष्ट्र काडर के पुलिस अधिकारी जूलियो रिबेरो को राज्य का पुलिस महानिदेशक बनाकर लाया गया। खालिस्तानी खाड़कुओं से मुकाबले के लिए रिबेरो ने 'गोली के बदले गोली’ नीति अपनाई। हालात बेकाबू होने पर पंजाब में सन 1987 में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया।
नेहरू के दौर में भ्रष्टाचार

नेहरू के दौर में भ्रष्टाचार

भारत सरकार में इंटेलीजेंस ब्यूरो के पूर्व अधिकारी और विवेकानंद फाउंडेशन के फेलो आरएनपी सिंह को खुफिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में गहरा अनुभव है। उनकी राइट्स एंड रांग्स, बांग्लादेश डिकोडेड और हिंदी में दो पुस्तकें बहुत चर्चित रहीं। नेहरू: ए ट्रबल्ड लीगेसी से उन्होंने कुछ मौलिक सवाल उठाए हैं: क्या हमने कभी नेहरू के बारे में ईमानदारी से मूल्यांकन किया है और इस प्रभाव में क्या हमने देश के समकालीन इतिहास का निष्पक्ष मूल्यांकन किया है? इस पुस्तक में नेहरू के सिद्धांतवाद या अपने हित में दोहरे मानदंड अपनाने पर सवाल उठाए गए हैं।
हिंदी साहित्य के इंजीनियर

हिंदी साहित्य के इंजीनियर

गणित के कठिन सवालों के बीच गोदान का होरी भी जिंदगी के जवाब खोजता है। रसायन के सूत्र भले भूल जाएं मगर चंदर का सुधा भूल जाना अखरता है। प्रकाश के परावर्तन का नीरस सिद्धांत सुनील के केस को सुलझाते ही सरस लगने लगता है। ब्लैक बोर्ड पर अल्फा, बीटा, गामा के बीच निर्मला, चोखेरबाली और राग दरबारी भी धमाचौकड़ी मचाते हैं। अमूमन घरों में होशियार बच्चे विज्ञान पढ़ते हैं। विज्ञान में भी लड़के गणित और लड़कियां जीव विज्ञान पढ़ती हैं। जब कोर्स की किताबें ही साल में खत्म करना मुश्किल हो तो कहानी-कविताएं, उपन्यास पढ़ने के लिए किसके पास वक्त है। गणित लेने के बाद अर्जुन की आंख की तरह बस एक ही लक्ष्य है, आईआईटी। विज्ञान पढ़ रहे बच्चों के माता-पिता को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से कम कुछ भी गवारा नहीं है। मोटी-मोटी किताबों, सुबह से शाम तक चलने वाली कोचिंग क्लासों के बीच इंजीनियर बनने का सपना पलता है। ऐसे में साहित्य की कौन सोचे। पढ़ाई के दौरान साहित्य पढऩा समय की बर्बादी है और लिखना... इसके बारे में तो सोचना भी मत।
Advertisement
Advertisement
Advertisement