Advertisement

Search Result : "कृषि कर्ज"

रंगीले ‘राजा’ की देश छोड़कर भागने की क्या है कहानी

रंगीले ‘राजा’ की देश छोड़कर भागने की क्या है कहानी

देश के सत्रह बैकों का 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज चुकाए बिना यूनाइटेड ब्रेवरिज ग्रुप के चेयरमैन विजय माल्या देश छोडक़र ब्रिटेन चले गए हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब सुप्रीम कोर्ट में सरकारी बैंकों के कंसोर्शियम की अर्जी पर सुनवाई हो रही थी। उसी दौरान सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल ने बताया कि माल्या दो मार्च को ही भारत छोड़ चुके हैं जबकि बैंकों की ओर से यह अर्जी दी गई थी कि माल्य का पासपोर्ट जब्त किया जाए और देश छोडऩे की इजाजत न मिले। इस बात को लेकर कोर्ट ने बैंकों से कहा कि वो माल्या को नोटिस भेज सकते हैं और उनके भारत आने के लिए कह सकते हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को निर्धारित की है। इसके अलावा माल्या के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉड्रिंग की जांच भी शुरू कर दी है।
कर्ज से उबरने के लिए पत्नी को बेचने का विज्ञापन दिया

कर्ज से उबरने के लिए पत्नी को बेचने का विज्ञापन दिया

कर्ज में डूबे 30 वर्षीय व्यक्ति ने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करते हुए अपनी पत्नी को एक लाख रुपये में बेचने का इश्तेहार सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर डाल दिया। इंदौर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एरोडम पुलिस थाने के एक अधिकारी ने आज बताया कि फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने वाले दिलीप माली के खिलाफ उसकी पत्नी की शिकायत पर भारतीय दंड विधान की धारा 509 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
संकट में माल्या, मनी लांड्रिंग के तहत मामला दर्ज

संकट में माल्या, मनी लांड्रिंग के तहत मामला दर्ज

शराब व्यवसायी विजय माल्या की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। ऋण वसूली न्यायाधिकरण ने कहा कि बैंक कर्ज से जुड़े मामले का निपटान होने तक विजय माल्या डियाजिओ से प्राप्त 7.50 करोड़ डॉलर राशि नहीं निकाल सकते हैं। माल्या को यह पैसा यूनाइटेड स्प्रीट्स लिमिटेड का चेयरमैन पद छोड़ने और कंपनी के कामकाज से अलग होने के समझौते के तहत देने की घोषणा की गई थी।
गांव गरीब की मटकी में मीठा, कारोबारियों की थाली में मलाई

गांव गरीब की मटकी में मीठा, कारोबारियों की थाली में मलाई

देश में सरकार की चौतरफा हो रही आलोचना के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली जब वर्ष 2016-17 का बजट प्रस्तुत करने 29 फरवरी को लोकसभा में खड़े हुए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूरी सरकार दम साधे यह देख रही थी आखिर यह बजट उन्हें जनता के बीच खड़े होने का भी मौका देगा या नहीं। लेकिन जेटली सब तय करके बैठे थे और उन्होंने बजट भाषण की शुरुआत ही इन पंक्तियों से करके अपने इरादे जता दिए थे: 'कश्ती चलाने वाले ने जब हार के दी पतवार हमें लहर-लहर तूफान मिले और मौज-मौज मंझधार हमें फिर भी दिखाया है हमने और फिर ये दिखा देंगे सबको इन हालात में आता है दरिया पार करना हमें
किसान और राज्य सरकारें सहयोग दें तो बदल देंगे किसानों की हालत: मोदी

किसान और राज्य सरकारें सहयोग दें तो बदल देंगे किसानों की हालत: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बरेली में एक किसान रैली को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक देश के किसानों की आमदनी को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि छोटे-छोटे कदम उठाकर कृषि क्षेत्र के सामने खड़ी चुनौतियों को अवसरों में बदला जा सकता है। रैली में उन्होंने राज्य सरकारों को किसानों को केंद्र सरकार के साथ मिलकर किसानों की स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव लाने का भी आह्वान किया।
किसानों में आत्महत्या बन गई है फैशन: भाजपा सांसद

किसानों में आत्महत्या बन गई है फैशन: भाजपा सांसद

भाजपा के सांसद गोपाल शेट्टी ने आज एक विवादास्पद टिप्पणी करते हुए किसानों की आत्महत्या को जिंदगी खत्म करने का फैशन करार दिया है। यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है कि जब कृषि संकट से जूझ रहे महाराष्ट्र में इस साल जनवरी से अब तक 124 किसान आत्महत्या कर चुके हैं।
शेयर बाजार मुनाफा वसूली की चपेट में, सेंसेक्स 362 अंक गिरा

शेयर बाजार मुनाफा वसूली की चपेट में, सेंसेक्स 362 अंक गिरा

जनवरी में निर्यात में गिरावट के बीच शेयर बाजार में मुनाफा वसूली से शेयर बाजार में पिछले दो दिन से जारी तेजी आज थम गई। बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स आज शुरुआती बढ़त कायम न रख सका और 362 अंक की गिरावट के साथ 23,191.97 अंक पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी भी बिकवाली दबाव में रहा और 7,100 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे बंद हुआ।
पीएनबी ने माल्या और उनकी 3 कंपनियों को डिफाल्टर घोषित किया

पीएनबी ने माल्या और उनकी 3 कंपनियों को डिफाल्टर घोषित किया

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने उद्योगपति विजय माल्या तथा उनकी समूह कंपनियों- यूबी होल्डिंग्स (यूबीएचएल) तथा बंद पड़ी किंगफिशर एयरलाइंस को जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाली यानी विलफुल डिफाॅल्टर घोषित किया है।
प्रमुख सरकारी बैंकों को 12 हजार करोड़ का तिमाही घाटा

प्रमुख सरकारी बैंकों को 12 हजार करोड़ का तिमाही घाटा

फंसे कर्ज (एनपीए) से बुरी तरह प्रभावित बैंक आफ बड़ौदा, बैंक आफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक समेत सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंकों को अब तक का सबसे बड़ा 12,000 करोड़ रुपये का कुल तिमाही नुकसान हुआ जबकि एसबीआई, पीएनबी और केनरा के मुनाफे में भारी गिरावट दर्ज हुई।
Advertisement
Advertisement
Advertisement