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ताइवान में 6.4 तीव्रता के भूकंप में सात मरे, सैंकड़ों घायल

ताइवान में 6.4 तीव्रता के भूकंप में सात मरे, सैंकड़ों घायल

दक्षिणी ताइवान में शनिवार तड़के आए 6.4 तीव्रता के भीषण भूकंप से सात लोगों की मौत हो गई और सैंकड़ों लोग घायल हो गए। झटकों की वजह से एक उंचे आवासीय परिसर के ढह जाने के कारण उसके मलबे में दबने से सात लोगों की मौत हो गई। राहत व बचाव दल के लोग बचाव कार्य में लगे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों को किया सर्वाधिक भुगतान- राजेंद्र चौधरी

उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों को किया सर्वाधिक भुगतान- राजेंद्र चौधरी

उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार ने कहा है कि गन्ना किसानों को प्रदेश सरकार ने सर्वाधिक भुगतान किया है। आउटलुक के 1 से 15 फरवरी के अंक में गन्ना किसानों की बदहाली को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई है जिसमें किसानों ने अपना गुस्सा जाहिर किया है।
किसान की लाठी नहीं है अब गन्ना

किसान की लाठी नहीं है अब गन्ना

एक दौर था जब प्रदेश के किसान नकदी फसल गन्ने को अपनी लाठी मानते थे। सूबे की 124 चीनी मिलें सूरसा के मुंह जैसी खेतों की ओर ताकती रहती थीं और दिन रात गन्ने की ही फरमाईश करती थीं मगर अब यह लाठी जैसे टूट गई है और 'सुरसा’ भी न जाने कहां बिला गई है। प्रदेश में गन्ने की फसल को राजनीति का ऐसा घुन लगा है कि खेत, फसल और किसान सब चौपट हो रहे हैं। आलम यह है कि गन्ना उगाने की लागत सवा तीन सौ रुपए क्विंटल आ रही है मगर किसान को मिल रहे हैं मात्र 280 रुपए। वह भी रुला-रुलाकर।
चीनी मिलों को राहत और किसानों की मुसीबत

चीनी मिलों को राहत और किसानों की मुसीबत

केंद्र सरकार गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य बढ़ाने की बजाय चीनी मिलों को ब्या‍ज मुक्त‍ कर्ज, एक्स‍पोर्ट ड्यूटी में राहत और एथनॉल पर एक्सा‍इज ड्यूटी में छूट जैसी रियायतें देने वाली केंद्र सरकार ने अब चीनी मिलों को फायदा पहुुंचाने का नया रास्ता निकाला है। अब गन्ना किसानों को सरकार की ओर सीधे सब्सिडी दिए जाने की पहल की जा रही है जो गन्ना किसानों का ध्यान उनके बकाया भुगतान और पिछले कई साल से नहीं बढ़े दाम से हटाने की साजिश है।
भारत में 2015 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का प्रवाह दोगुनाः अंकटाड

भारत में 2015 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का प्रवाह दोगुनाः अंकटाड

भारत में वर्ष 2015 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का प्रवाह लगभग दोगुना हो गया। संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (अंकटाड) ने कहा कि पिछले साल विदेशी निवेश पाने वाले देशों में अमेरिका शीर्ष पर रहा। अंकटाड की सालाना रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष वैश्विक स्तर पर एफडीआई का प्रवाह अप्रत्याशित रूप से 36 प्रतिशत बढ़ कर 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के पहले के स्तर के करीब पहुंच गया।
पीएम का ऐलान, 3 साल तक स्टार्टअप का मुनाफा टैक्‍स फ्री

पीएम का ऐलान, 3 साल तक स्टार्टअप का मुनाफा टैक्‍स फ्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नया उद्यम शुरू करने वाले स्टार्टअप कारोबारियों के लिए आज कई अहम घोषणाएं की। शनिवार को स्टार्टअप उद्यमियों के पहले सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम ने स्टार्टअप को तीन साल की आयकर छूट के साथ ही उद्यम पूंजी निवेश पर पूंजीगत लाभकर से छूट, इंस्पेक्टर राज मुक्त परिवेश के अलावा वित्तपोषण के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का कोष स्थापित करने सहित कई तरह के प्रोत्साहन देने की घोषणा की।
पुस्तक मेले में चीनी लेखकों की टैगोर, मोदी पर किताबें

पुस्तक मेले में चीनी लेखकों की टैगोर, मोदी पर किताबें

दिल्ली में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में अतिथि देश चीन के प्रकाशकों ने गुरूदेव रवींद्र नाथ टैगोर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चीनी लेखकों की किताबें पेश की हैं।
पांचवें माह चीन में सुस्त उत्पादन का असर, सेंसेक्स 537अंक टूटा

पांचवें माह चीन में सुस्त उत्पादन का असर, सेंसेक्स 537अंक टूटा

लगातार पांचवें माह ‌चीनी उद्योगों के उत्पादन में आई सुस्ती के कारण बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सोमवार को 537 अंक गिरकर 25,623 पर बंद हुआ।
पांच वर्षों में रेलवे में 8.56 लाख करोड़ रुपये निवेश की योजना

पांच वर्षों में रेलवे में 8.56 लाख करोड़ रुपये निवेश की योजना

सरकार ने देश में रेलवे के विकास एवं विस्तार के लिए पांच वर्षों में 8.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है। इस बारे में निवेश योजनाओं में बजटीय संसाधनों एवं आंतरिक सृजन के अलावा संस्थागत वित्त पोषण, सर्वजनिक निजी भागीदारी और ऋण आदि के जरिये वित्त व्यवस्था करना शामिल है।
बीमारू से बिकाऊ प्रदेश तक - रिसर्जेंट राजस्थान

बीमारू से बिकाऊ प्रदेश तक - रिसर्जेंट राजस्थान

रिसर्जेंट राजस्थान पार्टनरशिप सम्मिट में देश दुनिया के धनकुबेरों का दो दिवसीय मिलन जयपुर में हुआ। राजस्थान सरकार द्वारा पूंजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से किए गए इस आयोजन में 300 निवेश करार हुए जिनसे 4 लाख करोड़ का निवेश राज्य में आने की संभावना बनती दिखाई दे रही है। इतना ही नहीं बल्कि इससे ढाई लाख लोगों को रोजगार मिलने का भी दावा किया जा रहा है। अनुमान है कि रिसर्जेंट राजस्थान के इस आयोजन पर राज्य सरकार ने 200 करोड़ रुपये खर्च किया है। यह खर्च है कोई निवेश नहीं है। जनता की गाढ़ी कमाई का यह पैसा सिर्फ मेहमान नवाजी पर ही खर्च हो गया है। जयपुर की जनता को दो तीन दिन जो असुविधाएं झेलनी पड़ी वह तो अलग ही हैं। लोग पूछ रहे हैं कि जिस मुख्यमंत्री को अपने राज्य की जनता से मिलने तक कि फुर्सत नहीं होती है, कभी-कभार ही सभाओं में उनके दर्शन हो पाते हैं, वह पूंजीपतियों के मध्य कितनी आसानी से उपलब्ध हैं। यह अवसर राजस्थान के उन मतदाताओं को क्यों नहीं मिल पाता है जिन्होंने वोट दे कर प्रचंड बहुमत से उनकी सरकार चुनी है।
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