अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो रोहतक गैंगरेप मामले की पीड़िता की जान व इज्जत को बचाया जा सकता था। परिजनों ने पुलिस को एक महीने पहले शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने समय रहते कदम नहीं उठाया।
आईटी क्षेत्र की नौकरियों पर एक नया खतरा मंडराने लगा है। अगले तीन वर्षों के दौरान आईटी क्षेत्र में सालाना करीब दो लाख लोगों की छंटनी हो सकती है। डिजिटलाइजेशन और ऑटोमेशन का तेजी से प्रसार इसकी प्रमुख वजह मानी जा रही है।
केंद्रीय राजस्व हंसमुख अधिया ने कहा कि देश की लगभग 8-9 लाख पंजीकृत कंपनियां सालाना रिटर्न नहीं भरती, जिसके कारण ये कंपनियां मनी लॉन्ड्रिंग में लिप्त हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि पीएमओ ने जो टास्क फोर्स बनाया है वह हर 15 दिन में इन कंपनियों की निगरानी कर रहा है।
विद्या बालन के खाते में एक हिट का काफी दिन से सूखा है। बेगम जान को देख कर लगता है कि यह सूखा अभी लंबा चलेगा। दर्जनों कलाकारों, विद्या की बिल्लौरी आंखों और देशभक्ति टाइप माहौल के बावजूद यह फिल्म अंत में लंबी गहरी ऊब के सिवाय कुछ नहीं देती।
भारतीय हिन्दी फिल्म निर्माता और निर्देशक महेश और मुकेश भट्ट ने इस बार श्रीजीत मुखर्जी को उन्हीं की फिल्म 'राजकहिनी' हिंदी में बनाने की जिम्मेदारी दी थी, जो उन्होंने ‘बेगम जान’ बनाकर पूरी कर ली है। बांग्ला भाषा में बनी फिल्म ‘राजकाहिनी’ वर्ष 2015 में रिलीज हुई थी। हिंदी सिनेमा ने इससे पहले भी कई भारतीय भाषाओं की हिट फिल्मों का रिमेक किया है।
रोजमर्रा के जीवन में मोबाइल फोन की बढ़ती दखल अब मौत तक जा पहुंची है। खुदकुशी से पहले सुसाइड वीडियो बनाकर अपनेे अंतिम बयान को दर्ज करने का चलन जोर पकड़ने लगा है। दहेज की वजह से परेशान हैदराबाद की अंजुम फैजान नामक महिला ने आत्महत्या से पहले मोबाइल पर वीडियो बनाया और फिर खुदकुशी कर ली। अंजुम ने बयान में कहा, ‘ये मेरा सुसाइड नोट है, मां मुझे माफ कर देना, खुदा हाफिज…। इस बयान में अंजुम ने अपने ससुराल और अपने शौहर पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
भाजपा सांसद वरुण गांधी ने देश में किसानों की मौत को लेकर सरकारी आंकड़ों पर ही सवाल उठा दिए। सांसद ने जोर देते हुए कहा कि देशभर में पिछले दो साल में 50 हजार से ज्यादा किसानों ने कर्ज के कारण आत्महत्या की, जबकि सरकारी आंकड़ों में यह संख्या 7500 ही है।
पाकिस्तान का कहना है कि आतंकवाद-विरोधी कानून के तहत सूचीबद्ध किया गया जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद देश के लिए एक गंभीर खतरा साबित हो सकता है। इसलिए देश के वृहद हित को ध्यान में रखते हुए उसे नजरबंद किया गया।