जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने एक बार फिर जेएनयू प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई है। कन्हैया ने विश्वविद्यालय के वीसी के उस बयान का विरोध किया है जिसमें उन्होंने कैंपस में जारी भूख हड़ताल को गैरकानूनी कहा था।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-वाम गठबंधन का मुकाबला कर रही तृणमूल कांग्रेस ने आज राज्यसभा में अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे का मुद्दा उठा कर भारी हंगामा किया और कांग्रेस पर निशाना साधा। हंगामे के लिए पार्टी के एक सदस्य को दिन भर के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया।
पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को दो लोगों ने काला झंडा दिखाने का प्रयास किया। काला झंडा दिखाने वाले दोनों छात्र ही हैं जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि पुलिस को सौंपने से पहले कन्हैया के समर्थकों ने दोनों छात्रों की जमकर पिटाई भी की।
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज कहा कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार को इस बात का जवाब देना होगा कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे में किसने कथित रिश्वत प्राप्त की। पर्रिकर ने यहां एक समारोह के इतर संवाददाताओं से कहा, विवाद का प्रश्न यह है कि अगस्ता सौदे में किसने धन लिया। सौदा होने के समय सत्ता में रहे लोगों को जवाब देना होगा।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में 9 फरवरी को घटी विवादास्पद घटना के संबंध में विश्वविद्यालय द्वारा दिए गए दंड के विरोध में 25 छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदा मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए सवाल उठाया कि इस मामले से जुड़े कांग्रेस नेताओं के खिलाफ सीबीआई छापेमारी क्यों नहीं करती है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी आज भी भाजपा के निशाने पर रहीं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को उनसे अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदे में रिश्वत पाने वालों के नाम बताने को कहा। हालांकि कांग्रेस ने भाजपा के हमले पर पलटवार करते हुए कहा कि नाम को सामने लाना जांच एजेंसी का काम है।
जेएनयू में कथित देशविरोधी नारेबाजी के बाद देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार हुए छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार अपनी जीवन यात्रा पर अब एक किताब लिखेंगे। इस किताब में कन्हैया बिहार के एक गांव से शुरु होकर देशद्रोह के आरोप में दिल्ली के तिहाड़ जेल जाने तक के अपने जीवन के सफर पर रौशनी डालेंगे।
उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन विवाद में केंद्र की याचिका पर आज सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सात सवालों का जवाब मांगा है। कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 3 मई की तारीख तय की है। इस बीच नैनीताल उच्च न्यायालय के फैसले पर स्थगन रहेगा जिसका मतलब हुआ कि 29 अप्रैल को सदन में शक्ति परीक्षण नहीं होगा और अगली सुनवाई तक राज्य में राष्ट्रपति शासन जारी रहेगा।