Advertisement

Search Result : "टेलीकॉम सेवा"

कोई नहीं हटा सकता समाजवादी शब्द को : अखिलेश यादव

कोई नहीं हटा सकता समाजवादी शब्द को : अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि समाजवादी शब्द संविधान की प्रस्तावना में शामिल है और इसीलिए उनकी सरकार की कई योजनाओं का नाम इसी लफ्ज पर रखा गया है।
व्यवस्था की विकलांगता ही चुनौतीः केदार

व्यवस्था की विकलांगता ही चुनौतीः केदार

जब वह मेरे दफ्तर मिलने के लिए आए तो अचानक ही लगा कि मेरा दफ्तर भी विकलांग व्यक्ति के लिए कितना असुविधाजनक है। वह हथेलियों में हवाई चप्पल पहने हुए पूरी सहजता और जबर्दस्त आत्मविश्वास के साथ दफ्तर में आ चुके थे। तकरीबन लपकते हुए वह कुर्सी की ओर बढ़े।
विप्रो में कर्मचारियों की छंटनी

विप्रो में कर्मचारियों की छंटनी

भारत की तीसरी सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी विप्रो को अगले तीन साल में अपने कर्मचारियों की संख्या करीब 47,000 कम होने की उम्मीद है।
नेट तटस्‍थताः वर्चुअल दुनिया में छिड़ी लड़ाई

नेट तटस्‍थताः वर्चुअल दुनिया में छिड़ी लड़ाई

बिलकुल तकनीकी लगने वाले शब्द नेट न्यूट्रेलिटी (नेट तटस्थता) का वास्ता आज हर भारतीय से पड़ गया है। टेलीकॉम अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने 27 मार्च 2015 को एक परामर्श पत्र जारी कर जनता से 20 सवालों पर राय मांगी थी।
नेट न्यूट्रेलिटी ना छोड़े ट्राईः सत्पथी

नेट न्यूट्रेलिटी ना छोड़े ट्राईः सत्पथी

हाल ही में भारत में भी इंटरनेट तटस्थता पर ट्राई को पत्र लिखने वाले धनखल, ओडिशा से बीजू जनता दल के सांसद तथागत सत्पथी ने इस विषय पर आउटलुक हिंदी की फीचर संपादक आकांक्षा पारे काशिव से बात की।
स्पेक्ट्रम नीलामी : 1.10 लाख करोड़ रुपये की बोली

स्पेक्ट्रम नीलामी : 1.10 लाख करोड़ रुपये की बोली

स्पेक्ट्रम नीलामी में आइडिया सेल्युलर के पास मौजूद 9 लाइसेंस क्षेत्रों रिलायंस टेलीकॉम और वोडाफोन दोनों के 7-7 लाइसेंस क्षेत्रों और भारती एयरटेल के 6 लाइसेंस क्षेत्रों के स्पेक्ट्रम शामिल हैं। इन क्षेत्रों में इन कंपनियों के लाइसेंस की मियाद 2015-16 में समाप्त हो रही है।
अफजल गुरु की फांसी गलत: थरूर

अफजल गुरु की फांसी गलत: थरूर

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने अफजल गुरु की फांसी की सजा को गलत बताया है। उन्होंने गुरु की फासी की सजा की दूसरी बरसी पर एक ट्वीट कर यह बात कही है।थरूर की इस बात की राजनीतिक हलकों में जोर-शोर से चर्चा है।
Advertisement
Advertisement
Advertisement