पिछले दिनों छत्तीसगढ़ में कथित पुलिस मुठभेड़ में मारी गई आदिवासी युवती के मामले को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सोमवार को बिलासपुर उच्च न्यायालय में प्रारंभिक सुनवाई हुई।
झूठी शान की खातिर 1980 में हुई हत्या के एक मामले में दोषी करार दिए गए बिस्तर पर पड़े 92 वर्षीय एक व्यक्ति को आखिरकार जेल जाना पड़ेगा क्योंकि उच्चतम न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा काटने के लिए पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने से उसे कोई भी छूट प्रदान करने से मना कर दिया।
केरल में कोच्ची के पास पेरुम्बावूर में, दलित युवती जिषा (कानून की छात्रा) के हत्यारे को पुलिस ने घटना के डेढ़ महीने के बाद गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। 28 अप्रैल की शाम को यह निर्मम हत्या हुई थी। अपराधी की गिरफ्तारी नहीं होने पर यह सनसनीखेज घटना विधानसभा चुनाव का एक बड़ा मुद्दा बन गई थी और चुनाव परिणाम को कुछ हद तक प्रभावित भी किया था।
सीबीआई ने अंधविश्वास के खिलाफ अभियान चलाने वाले तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर की 2013 में पुणे में हुई हत्या के आरोप में हिंदू जनजागृति समिति के सदस्य वीरेंद्र सिंह तावड़े को गिरफ्तार किया है। तावड़े को पनवेल से शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया गया और उसे शनिवार को दोपहर पुणे की एक विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
बांग्लादेश में शुक्रवार को हमलावरों ने सुबह की सैर पर निकले एक हिंदू आश्रमकर्मी की हत्या कर दी। गौरतलब है कि मुस्लिम बहुल देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों और धर्मनिरपेक्ष कार्यकर्ताओं पर मुस्लिम चरमपंथियों के निर्मम हमलों की कड़ी में कुछ ही दिन पहले संदिग्ध आईएसआईएस जिहादियों ने एक अन्य पुजारी की हत्या कर दी थी।
बांग्लादेश में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के तीन संदिग्ध हमलावरों ने धारदार हथियारों से एक 70 वर्षीय हिंदू पुजारी की हत्या कर दी। मुस्लिम बहुल इस देश में अल्पसंख्यकों तथा धर्मनिरपेक्ष कार्यकर्ताओं पर मुस्लिम चरमपंथियों के सिलसिलेवार हमलों की यह ताजा घटना है और इस साल यह दूसरे पुजारी की हत्या है।
अमेरिका के नेवार्क शहर में 47 वर्षीय एक सिख व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई और व्यक्ति के परिवार को संदेह है कि यह घृणा की वजह से किया गया अपराध है। सिख व्यक्ति एक गैस स्टेशन का मालिक था।
भाजपा समाज के सभी वर्गों का समर्थन हासिल करने के लिए तरह तरह के जुगत लगा रही है। उसे लगता है कि सवर्ण उसके साथ हैं। लिहाजा वह पिछड़ी जाति पर अब डोरे डाल रही है। उज्जैन में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने दलित साधुओं के साथ कुंभ स्नान किया और संतों के साथ भोजन किया।
उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को वाराणसी के एक गांव में दलितों के साथ भोजन किया। समरसता भोज नाम के इस कार्यक्रम पर तंज कसते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि संदेश देने के लिए उन्होंने भी मजदूरों के साथ भोजन किया था, लेकिन कभी उनकी जाति नहीं पूछी थी।