राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच, नगर निकायों की भूमिका पर सवाल उठाने लगे हैं। लोगों का मानना है कि मच्छर जनित बीमारी से निपटने में स्थानीय नगर निगमों की लचर तैयारियाें की पोल खोल खुल गई है। दिल्ली में डेंगू के कुल मामले 2000 की संख्या को पार कर ग हैं। सितंबर में ही 1200 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।
डेंगू की वजह से दिल्ली भी भले ही हाहाकार मचा हुआ है लेकिन उपराज्यपाल नजीब जंग और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच टकराव जारी है। उपराज्यपाल के कार्यालय की ओर से जारी एक आदेश पर टिप्पणी करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि इन मुद्दों पर क्या दो महीने बाद नहीं लड़ सकते? अभी सब मिलकर डेंगू से लड़ते हैं।
दिल्ली में एक और बच्चे की डेंगू से मौत हो गई है। इस बच्चे के परिजन ने भी अस्पतालों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। छह साल का अमन इस मौसम में डेंगू के कारण मरने वाला 10वां पीडि़त है। वह दक्षिण दिल्ली के श्रीनिवासपुरी इलाका का रहने वाला था। यह मामला एेसे समय में सामने आया है जब पिछले सप्ताह ही सात वर्षीय अविनाश राउत की डेंगू से मौत हुई थी, जिसके बाद उसके माता-पिता ने आत्महत्या कर ली थी। कहा जा रहा है पांच अस्पतालों ने अविनाश को भर्ती करने से मना कर दिया था।
मुंबई में 17 सितंबर को जैन पर्व के मद्देनजर मांस की बिक्री पर लगे विवादास्पद प्रतिबंध पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी और साथ ही सवाल किया कि केवल मटन और चिकन पर ही प्रतिबंध क्यों, मछली और अंडे पर क्यों नहीं?
दिल्ली पुलिस ने राज्य के पूर्व कानून मंत्री और आम आदमी पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती के खिलाफ उनकी पत्नी लिपिका मित्रा द्वारा लगाए गए घरेलू हिंसा के आरोपों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
तुम कितने तुच्छ, कंजूस और दिखावटी हो सकते हो इसका अंदाजा अभी हुआ। तुम ने तो उसका यश गाया था, उसका महिमा मंडन किया था, उसे अब तक के, लगभग सब से महान वैज्ञानिक की तरह प्रस्तुत किया था। उस पर तो सम्मानों और पदवियों की बारिश हुआ करती थी, उसे तो तुम ने देश के सब से बड़े नागरिक सम्मान से आभूषित किया था, उसे राष्ट्राध्यक्ष के पद पर आसीन किया था तुमने। और तुम्हीं ने तो हर गली, हर चौबारे से हर मकान की छत से ऐलान किया था कि यही है जनता का राष्ट्रपति !
शीना बोरा हत्याकांड में गिरफ्तार इंद्राणी मुखर्जी, उनके पूर्व पति संजीव खन्ना और ड्राइवर श्याम राय को आज मुंबई की स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस उन्हें अपनी हिरासत में लेने की मांग कर सकती है।