बसपा प्रमुख मायावती ने आज कहा कि केंद्र की नीतियां प्रदर्शित करने वाले राष्ट्रपति अभिभाषण में कुछ भी नया नहीं है और इसमें काम कम और बातें ज्यादा हैं। उन्होंने संसद भवन परिसर में कहा, राष्ट्रपति के अभिभाषण में कुछ भी नया नहीं है। विगत में जो सभी बातें कही गयी हैं, उसे ही विभिन्न तरीके से पेश किया गया है।
विकास के वादे के साथ सत्ता में आई नई सरकार ने सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और विधानों पर निर्दयता से धावा बोल दिया है। अक्तूबरए 2014 में यह अफवाह उड़ाई गई कि कुछ जिलों में मनरेगा योजना बंद कर दी जाएगीए हालांकि प्रस्तावित बदलावों को लागू नहीं किया गया। मनरेगा के लिए वित्त की कमी करके और मजदूरी के भुगतान में देरी करके इसको धीरे.धीरे खत्म करने की स्थिति पैदा की जा रही है।
मशहूर ऐक्टिविस्ट नेता मेधा पाटकर और स्वामी अग्निवेश समेत कई लोग भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के ख़िलाफ़ दिल्ली कूच करेंगे। भूमि अध्यादेश संबंधी 2013 के कानून में बदलाव के खिलाफ 28 फरवरी को हरियाणा के पलवल से दिल्ली तक यह मार्च निकाला जाएगा।
उनकी मुंदी आंखों के नीचे अंधेरे की गाढ़ी परत बिछी हुई थी। सरकारी अस्पताल के उस आईसीयू में गुजरे जमाने के मशहूर गवैए उस्ताद इकराम मुहम्मद खान को उनकी जिंदगी आखरी सलामी देने की तैयारी कर रही थी।
जमीन पर गड़ी कॉरपोरेट नजर को झंडी
केंद्र सरकार के भूमि अधिग्रहण अध्यादेश से किसानों से जमीन देने से इनकार करने का हक छिनेगा तो वहीं आंध्र प्रदेश की नई राजधानी के लिए एक लाख एकड़ जमीन लेने से किसानों में छिड़ा आक्रोश